
कोलकाता. महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जापान की राजधानी टोक्यो के रेंकोजी मंदिर से नेताजी के “पार्थिव अवशेष” वापस लाने का आग्रह करें. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे को अलग-अलग पत्र लिखकर बोस ने उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा केंद्र सरकार को इसके लिए राजी करने का अनुरोध किया.
बोस ने अपने पत्र में कांग्रेस के दोनों नेताओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एस जयशंकर पर दबाव डालें कि वे “नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पार्थिव अवशेष को टोक्यो से भारत लाने में मदद करें, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा है.” भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष रह चुके बोस ने इस मामले में रविवार को मोदी को भी पत्र लिखा था. उन्होंने मोदी को लिखे पत्र में कहा, “मेरी आपसे विनम्र अपील है कि नेताजी के पार्थिव अवशेष को 18 अगस्त 2024 तक रेंकोजी से भारत वापस लाया जाए.” बोस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से एक ”अंतिम बयान” भी मांगा था ताकि नेताजी के बारे में ”गलत विमर्श” पर विराम लग सके.



