राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस सांसदों के साथ बुधवार को करेंगे संभल का दौरा

लखनऊ. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस सांसदों के साथ बुधवार को संभल का दौरा करेंगे. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को यह जानकारी दी. इस बीच, संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने पड़ोसी जिलों में तैनात पुलिस के अधिकारियों को एक पत्र लिखकर उनसे राहुल गांधी को उनके जिलों की सीमाओं पर रोकने का आग्रह किया.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ज.लिाधिकारी के पत्र जारी करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है और पुलिस तंत्र का खुला दुरुपयोग है. राय ने बताया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा भी राहुल के साथ संभल का दौरा कर सकती हैं. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश से पार्टी के सभी छह सांसद शामिल होंगे, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी करेंगे. इनमें पार्टी महासचिव और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे भी होंगे.” प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वह भी राहुल गांधी के साथ संभल जाएंगे, जो रायबरेली से सांसद हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या केरल के वायनाड से पार्टी की सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा भी अपने भाई के साथ संभल जाएंगी, राय ने कहा कि वह भी जा सकती हैं. पेंसिया ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के पुलिस आयुक्तों तथा अमरोहा और बुलंदशहर जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र लिखकर उनसे राहुल गांधी को उनके जिलों की सीमाओं पर रोकने का आग्रह किया. संभल में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक शनिवार को खत्म हो रही थी. हालांकि, जिलाधिकारी पेंसिया ने इसे बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दिया है.

इस बीच, जिलाधिकारी पेंसिया ने कहा है कि शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (निषेधाज्ञा) जिले में 31 दिसंबर तक लागू रहेगी. उन्होंने कहा, ”10 दिसंबर तक कोई भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि, सक्षम प्राधिकार से अनुमति लिए बिना जिले में प्रवेश नहीं कर सकता.” संभल की एक अदालत के आदेश पर 24 नवंबर को मुगलकालीन मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मृत्यु हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे.
अदालत में दायर वाद में दावा किया गया है कि मस्जिद की जगह कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था.

राहुल गांधी के संभल दौरे के बारे में पूछे जाने पर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “संभल में पहले से ही बीएनएसएस की धारा 163 लागू है. किसी को भी संभल आने की अनुमति नहीं है. यदि वह आते हैं तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा.” सम्भल में सोमवार को जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की ‘र्विकंग कमेटी’ के सदस्य मुफ्ती अफकान ने बताया कि पिछले दिनों सम्भल में जो घटना हुई, ‘हमें उस पर बहुत दुख है.’ उन्होंने कहा कि घर वालों को जितना दर्द होगा उसका अंदाजा नहीं हो सकता, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी ने यह ऐलान किया था जो शहीद हुए हैं, उनके परिवार को पांच-पांच लाख दिए जायेंगे.

उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी के आदेश पर आज सभी मृतकों के परिजनों को एक जगह इकट्ठा करके पांच-पांच लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया गया. उनका कहना था कि जमीयत आइंदा भी जरूरत पड़ने पर परिवार की सहायता करेगी, उसकी ओर से बच्चों की तालीम की कोशिश रहेगी और आगे भी जरूरत पड़ने पर साथ ‘हम लोग खड़े रहेंगे.’ आज संभल में प्रदेश कांग्रेस महासचिव सचिन चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रिजवान कुरैशी और मैं मृतकों- बिलाल एवं नोमान के परिजनों से मिला तथा हमने उनकी प्रियंका गांधी से बात कराई. प्रियंका जी ने उनका हालचाल पूछा.” चौधरी ने यह भी बताया कि राहुल गांधी कल संभल आएंगे और मृतकों के परिजनों से मिलने का उनका कार्यक्रम है.

संभल से सपा विधायक इकबाल महमूद ने सोमवार को देर शाम पत्रकारों को बताया, “मैं चारों मृतकों के परिजनों से मिलने गया था और मैंने संवेदना व्यक्त की. संभल में हुए अत्याचार का मुद्दा विधानसभा और संसद में उठाया जाएगा तथा 10 दिसंबर के बाद सपा का प्रतिनिधिमंडल यहां आएगा.” इकबाल महमूद ने कहा, “हमने मांग की है कि इस घटना की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए. हम न्यायिक जांच नहीं मानते हैं. उन्होंने खुद यह जांच बिठाई है.”

इस बीच, इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने मंगलवार को बरेली में संवाददाताओं से कहा, “इस देश की एकता और अखंडता के लिए खुदाई का विचार छोड़ देना चाहिए तथा विकास के बारे में सोचना चाहिए. लुप्त हो चुके डायनासोर के कंकाल भी पाए जा सकते हैं. समय बदल रहा है और हमें बदलते समय के साथ चलना चाहिए.” उल्लेखनीय है कि सोमवार को नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्का -मुक्की की थी और पार्टी कार्यालय के बाहर लगे बैरिकेड पर चढ़ने का प्रयास किया था जिससे वे अपने नेता अजय राय के संभल जाने का रास्ता साफ कर सकें.

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