
रायबरेली/तिरुवनंतपुरम. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को रायबरेली संसदीय सीट पर 3,90,030 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. निर्वाचन आयोग के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार गांधी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राज्य सरकार के मंत्री, भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह को 3,90,030 मतों के अंतर से पराजित किया.
गांधी को 6,87,649 मत तथा दिनेश प्रताप को 2,97,619 मत मिले. यहां बसपा उम्मीदवार ठाकुर प्रसाद यादव को 21,624 मत मिले.
रायबरेली संसदीय सीट पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी 2004 से 2019 तक लगातार चुनाव जीतती रहीं लेकिन 2024 में वह चुनावी लड़ाई से बाहर हो गयीं. उनकी जगह कांग्रेस से राहुल गांधी चुनाव मैदान में उतरे और यहां जीत दर्ज की. पिछली बार सोनिया गांधी ने 1,67,178 मतों के अंतर से रायबरेली में दिनेश प्रताप को पराजित किया था.
राहुल गांधी 2019 में अमेठी संसदीय क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से पराजित हो गये थे. वह केरल के वायनाड से चुनाव जीत गये थे और इस बार भी वहां से चुनाव में उम्मीदवार थे. चुनाव में सोनिया गांधी ने इस बार रायबरेली की सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि ”मैं आपको अपना बेटा सौंप रही हूं और मुझे भरोसा है कि वह आपके विश्वास पर खरा उतरेंगे.” रायबरेली संसदीय सीट का राहुल गांधी के दादा फिरोज गांधी और दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी प्रतिनिधित्व किया था.
केरल की वायनाड लोस सीट से 3.5 लाख से अधिक मतों से जीते राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की एनी राजा से 3.5 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की. यह जानकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़े से मिली. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गांधी को 6,47,445 वोट मिले, जो 2019 में इस निर्वाचन क्षेत्र में उन्हें मिले 7,06,367 मतों से कम हैं.
इस बार गांधी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाकपा की एनी राजा से 3,64,422 मतों के अंतर से जीत हासिल की, जिन्हें 2,83,023 वोट मिले. वर्ष 2019 में, गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाकपा के पी पी सुनीर को केवल 2,74,597 वोट मिले थे और वह 4,31,770 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे. पिछले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी भारत धर्म जन सेना ने वायनाड से चुनाव लड़ा था और उसके उम्मीदवार तुषार वेल्लपल्ली को मात्र 78,816 वोट मिले थे. इस बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन ने गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा और 1,41,045 वोट हासिल किये.



