राहुल गांधी का भाजपा नेताओं को जवाब: नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 19 Dec 2022 09:58 PM
राहुल गांधी का भाजपा नेताओं को जवाब: नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं
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मालाखेड़ा. ‘भारत जोड़ो यात्रा पर निकले’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि यह देश ‘‘मोहब्बत का है, नफरत का नहीं है’’, इसलिए वह ‘‘ नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं.’’ गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से भी ‘मोहब्बत की दुकान खोलने की’ अपील की.

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के उद्देश्य पर सवाल उठाने वाले भाजपा के नेताओं के लिए यही उनका जवाब है.
एक बड़ी जनसभा को यहां संबोधित करते हुए गांधी ने सुझाव दिया कि राजस्थान का हर मंत्री हर महीने एक दिन कम से कम 15 किलोमीटर पैदल यात्रा पर निकाले ताकी वह आम लोगों तक पहुंच सके व उनकी शिकायतों का समाधान कर सके.

उन्होंने कहा,’ मुझे लगता है कि इससे कांग्रेस पार्टी का, राजस्थान का और हम सब का फायदा होगा.’ गांधी ने स्कूलों में अंग्रेजी के इस्तेमाल की आलोचना करने के लिए भी भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ते हैं जबकि वे भाषण देते हैं कि अंग्रेजी किसी को नहीं बोलनी चाहिए.

गांधी ने कहा कि उनकी यात्रा कई बार भाजपा कार्यालयों के आगे से गुजरी जिस दौरान भाजपा के नेता व कार्यकर्ता इशारों-इशारों में उनकी यात्रा को लेकर सवाल खड़े करते थे. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के अनुसार, ‘‘उनके (भाजपा के) नेता कभी कहते हैं कि राहुल गांधी क्या कर रहा है? मेरे दिमाग में भी थोड़ी देर यह आया कि मैं क्या कर रहा हूं, पैदल चल रहा हूं, लोगों से मिल रहा हूं उनसे गले मिल रहा… मैं कर क्या रहा हूं?’

गांधी ने कहा, ‘‘और जवाब मिल गया… उन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए जो इशारों में पूछते हैं कि क्या कर रहे हो उनके लिए…. जवाब है …नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं.’’ उन्होंने ऐसे भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर ‘फ्लाइंग किस’ करने का भी जिक्र किया.

सभा में बड़ी संख्या में उमड़े लोगों की तालियों व ‘राहुल गांधी ंिजदाबाद’ के नारों के बीच कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आप मुझसे नफरत करो, आप मुझे गाली दो … यह आपके दिल की बात है. आपका बाजार नफरत का … मेरी दुकान मोहब्बत की.’’ उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपनी बात नहीं कर रहे, बल्कि पूरे संगठन की बात कर रहे हैं जिसने इस देश को आजादी दिलाई.

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘महात्मा गांधी, (जवाहरलाल) नेहरू, (वल्लभ भाई) पटेल, (बीआर) आंबेडकर व (मौलाना अबुल कलाम) आजाद इन सब ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी. यही हम करते हैं.’’ गांधी ने कहा, ‘‘यही जवाब है मेरा भाजपा के सब लोगों को कि आइए आप भी नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलना शुरू कीजिए. अंत में आपको (यह) करना पड़ेगा क्योंकि हमारा धर्म, हमारा देश मोहब्बत का देश है… नफरत का नहीं है.’’ सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे.

अपने संबोधन में गांधी ने अशोक गहलोत सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि गरीबों के लिये शायद देश में सबसे बेहतर योजनाएं राजस्थान में हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पूरे देश को रास्ता दिखा सकती है.

उन्होंने कहा,’चिरंजीवी योजना ने लाखों लोगों के दिल से डर मिटाया है. तो इसकी प्रशंसा करनी पड़ेगी और यह योजना पूरे देश को रास्ता दिखा सकती है.’ गांधी ने स्कूलों में अंग्रेजी के इस्तेमाल की आलोचना करने के लिए भाजपा नेताओं पर भी तीखा हमला किया. उन्होंने कहा, “भाजपा के नेता जहां भी जाते हैं, अंग्रेजी के खिलाफ बात करते हैं. स्कूलों में अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए, बंगाली होनी चाहिए … हिंदी होनी चाहिए …लेकिन अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए.’

उन्होंने कहा,’ ये जो नेता कहते हैं कि अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए उनसे आप पूछिए कि आप बात तो अच्छी कर रहे हो मगर आपका बेटा कौनसे स्कूल में जाता है. क्या अंग्रेजी माध्यम स्कूल में जाता है. हां या ना… हां. इनके सारे के सारे बच्चे… गृहमंत्री अमित शाह से लेकर इनके सब मुख्यमंत्रियों के बच्चे, सब सांसदों व सब विधायकों के बच्चे सारे के सारे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में जाते हैं और (ये) भाषण देते हैं कि अंग्रेजी किसी को नहीं बोलनी चाहिए.’’

कांग्रेस नेता ने कहा,’ ये नहीं चाहते हैं कि हिंदुस्तान का गरीब, किसान का बेटा मजदूर का बेटा अंग्रेजी सीखे. वे चाहते हैं कि आप बड़े सपने नहीं देखो. आप खेत से ही न निकलो, आप मजदूरी से बाहर न निकलो. इसीलिए ये आपसे कहते हैं कि अंग्रेजी मत पढ़ो.’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि हिंदी मत पढ़ो. जरूर पढ़नी चाहिए … तमिल पढ़नी चाहिए , हिंदी पढ़नी चाहिए, मराठी पढ़नी चाहिए, हिंदुस्तान की सब भाषाएं पढ़नी चाहिएं . मगर अगर आप बाकी दुनिया से बात करना चाहते हो तो चाहे वह अमेरिका, जापान या ब्रिटेन हो तो वहां हिंदी काम नहीं आएगी. वहां अंग्रेजी ही काम आएगी.’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान के गरीब से गरीब किसान का बेटा एक दिन अमेरिका के युवाओं से प्रतिस्पर्धा करे और उन्हीं की भाषा में उन्हें हराए. यह हमारा दृष्टिकोण है.’’ राज्य सरकार द्वारा 1700 अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में 10,000 अंग्रेजी अध्यापक नियुक्त किए गए हैं.

उन्होंने मंच पर बैठे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा,’यह भी काम आपने बड़ा अच्छा किया है.’ साथ ही उन्होंने कहा,’यह कम है. राजस्थान के हर बच्चे को अंग्रेजी में पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए.’’ राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन देने के काम की प्रशंसा करते हुए गांधी ने मुख्यमंत्री गहलोत से कहा,’ आपने उनको जो पहले कष्ट होता था उसे आपने मिटाया.’

गांधी ने कहा,’ यहां जो पुरुष हैं उन्हें यह छोटी सी बात लगती है मगर इस बात को महिलाएं समझेंगी कि यह छोटी नहीं बहुत बड़ी बात है. इसके लिए भी मैं आपको धन्यवाद करता हूं.’ कांग्रेस नेता ने कहा कि शहरी मनरेगा योजना से भी राजस्थान के युवाओं को जबरदस्त फायदा होता है. उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (ओपीसी) बहाल करने के गहलोत सरकार के फैसले को भी सराहा. उन्होंने गहलोत से कहा,’ आपने विकास का काम बहुत अच्छा किया है.’ इसके साथ ही गांधी ने राज्य सरकार के सभी मंत्रियों को महीने में एक दिन कम से कम 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने का सुझाव दिया.

उन्होंने कहा,’हमारे कार्यकर्ता व स्थानीय संगठन के नेताओं की आवाज भी सरकार में सुनाई देनी चाहिए. सरकार के कार्यालयों में सुनाई देनी चाहिए. उससे भी जरूरी राजस्थान के आम नागरिक की आवाज राजस्थान के हर कार्यालय में सुनी जानी चाहिए.’ अपने यात्रा के फायदों का जिक्र करते हुए उन्होंने सुझाव दिया,’मेरा यह सुझाव है और इससे सबसे फायदा होगा. जैसे भारत यात्रा एक सोच है एक यात्रा नहीं.‘‘ गांधी ने कहा,’महीने में एक बार राजस्थान की पूरी की पूरी कैबिनेट राजस्थान की सड़कों पर चले.

उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा में राजस्थान के नेता हर दिन 25 किलोमीटर उनके साथ चले हैं. मैं कह रहा हूं कि 25 मत चलिए 15 किलोमीटर ही चलें. हर महीने एक दिन चुन लीजिए. आपके 30 मंत्री हैं, 33 जिले हैं. एक मंत्री को एक जिला दीजिए 15 किलोमीटर चलाइए जनता के बीच डालिए.’’ कांग्रेस नेता के अनुसार, ‘अगर पूरी राजस्थान की सरकार महीने में एक बार चल ले तो लोगों की कठिनाई सीधे उन तक पहुंच जाएगी.’ राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, यह मेरा सुझाव है अगर वे करना चाहें. मुझे लगता है कि इससे कांग्रेस पार्टी का, राजस्थान का और हम सब का फायदा होगा. ‘

अंग्रेजी का विरोध करने वाले भाजपा नेताओं के बच्चे अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ते हैं: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं पर ‘‘अंग्रेजी के खिलाफ बोलने’’ को लेकर तीखा हमला बोला और कहा कि स्कूलों में अंग्रेजी नहीं होने की बात करने वाले इन नेताओं के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ते हैं.

राजस्थान सरकार द्वारा 1,700 अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए जाने और 10,000 अंग्रेजी अध्यापक नियुक्त किए जाने के लिए अशोक गहलोत सरकार की सराहना करते हुए, गांधी ने कहा कि बच्चों को हिंदी सहित हिंदुस्तान की सब भाषाएं पढ़नी चाहिए मगर बाकी दुनिया से बात करने में हिंदी काम नहीं आएगी, वहां अंग्रेजी काम आएगी. ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ की अगुवाई कर रहे राहुल गांधी ने यहां एक जनसभा में यह बात कही.

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हमारे विपक्षी भाजपा के नेता जहां भी जाते हैं अंग्रेजी के खिलाफ बात करते हैं. स्कूलों में अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए, बंगाली होनी चाहिए, हिंदी होनी चाहिए लेकिन अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये जो नेता कहते हैं कि अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए उनसे आप पूछिए कि आप बात तो अच्छी कर रहे हो, मगर आपका बेटा कौन से स्कूल में जाता है? क्या अंग्रेजी मीडियम स्कूल में जाता है? हां या ना, हां?’’

राहुल ने कहा, ‘‘इनके सारे के सारे बच्चे… अमित शाह से लेकर इनके सब मुख्यमंत्रियों के बच्चे, सब सांसदों व सब विधायकों के बच्चे…सारे के सारे इंग्लिश मीडियम स्कूल में जाते हैं और भाषण देते हैं कि अंग्रेजी किसी को नहीं बोलनी चाहिए.’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ये नहीं चाहते हैं कि हिंदुस्तान का गरीब, किसान का बेटा, मजदूर का बेटा अंग्रेजी सीखे. इसका कारण है, क्योंकि वे चाहते हैं कि आप बड़े सपने नहीं देखो. आप खेत से ही न निकलो, आप मजदूरी से बाहर न निकलो. इसीलिए ये आपसे कहते हैं कि अंग्रेजी मत पढ़ो.’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि हिंदी मत पढ़ो. जरूर पढ़नी चाहिए … तमिल पढ़नी चाहिए, हिंदी पढ़नी चाहिए, मराठी पढ़नी चाहिए … हिंदुस्तान की सब भाषाएं पढ़नी चाहिए. मगर अगर आप बाकी दुनिया से बात करना चाहते हो तो चाहे वह अमेरिका, जापान या ब्रिटेन हो तो वहां हिंदी काम नहीं आएगी. वहां अंग्रेजी ही काम आएगी.’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान के गरीब से गरीब किसान का बेटा एक दिन जाकर अमेरिका के युवाओं से प्रतिस्पर्धा करे और उन्हीं की भाषा में उन्हें हराए. यह हमारा दृष्टिकोण है.’’ उन्होंने कहा कि इसी सोच से कांग्रेस की राजस्थान सरकार ने 1700 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू किए और 10,000 अंग्रेजी अध्यापक नियुक्त किए हैं.

मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर मुखातिब होते हुए राहुल ने कहा, ‘‘अशोक गहलोत जी, ये कम है. राजस्थान के हर बच्चे को अंग्रेजी का अवसर मिलना चाहिए. हर बच्चे को लगना चाहिए कि मैं हिंदी सीख सकता हूं, मैं अपनी मातृभाषा सीख सकता हूं. मैं पूरी दुनिया के साथ संवाद कर सकता हूं और अगर मुझे जरूरत पड़ी तो अमेरिका में जाकर मैं हिंदुस्तान का झंडा फहराऊंगा.’’

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