आधारहीन और बेतुके बयान देना राहुल गांधी की आदत: भाजपा

नयी दिल्ली/अमेठी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को राहुल गांधी के इस आरोप को निराधार और बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण किया है. पार्टी ने जोर देकर कहा कि यह विपक्षी पार्टी है जिसने चीन के मामलों में ‘ऐतिहासिक, अक्षम्य अपराध’ किया है.

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के चुनिंदा कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने 1952 में चीनी सेना के उपभोग के लिए 3,500 टन से अधिक चावल भेजा था. उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता में थी तो उस दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ हुए कथित समझौते का ब्योरा उसे जारी करना चाहिए.

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि जब चीन के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण होने लगे थे तब चीनी सेना के लिए चावल भेजने का फैसला कोई गलती नहीं थी बल्कि एक ‘ऐतिहासिक और अक्षम्य’ अपराध था. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चीन के बारे में आधारहीन और बेतुकी टिप्पणी करने की आदत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भारत, उसके लोगों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर इसी तरह की टिप्पणी करते रहे हैं. त्रिवेदी ने कहा कि डोकलाम संकट के दौरान उन्होंने चीनी राजदूत से मुलाकात की थी.

भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत के सैन्य, राजनयिक और आर्थिक मामलों से निपटने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने हमेशा देश को कमजोर करने की कोशिश की है और विपक्षी पार्टी को भाजपा से सीखना चाहिए जिसने संकट के दौरान तत्कालीन सरकारों का समर्थन किया, चाहे वह पाकिस्तान हो या चीन.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को सजा देने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे लगा कि इससे शांति वार्ता को नुकसान होगा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की नीति यह है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते.
उन्होंने कहा कि आज शांति और सुरक्षा का माहौल है जबकि संप्रग के शासनकाल में आतंकवादी विस्फोट नियमित रूप से होते थे.
सीमा का मुद्दा उठाते हुए गांधी ने शुक्रवार को करगिल में एक जनसभा में कहा था कि लद्दाख में हर व्यक्ति जानता है कि चीन ने ‘हमारी जमीन छीन’ ली है. उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दावा ‘पूरी तरह गलत’ है कि एक इंच भी जमीन नहीं छीनी गई.

त्रिवेदी ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाने की विपक्ष द्वारा आलोचना किए जाने का भी मजाक उड़ाया. यह फिल्म एक व्यावसायिक ब्लॉकबस्टर थी, जिसमें कश्मीरी पंडितों के पलायन को दर्शाया गया था लेकिन मुसलमानों के चित्रण के लिए इसकी आलोचना भी की गई थी. उन्होंने कहा कि एक जजों की समिति ने इसका चयन किया है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में खड़े लोगों को पसंद का सम्मान करना चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मुस्लिम समुदाय को अपराधों और आतंकवाद से जोड़ता है और एक ‘अच्छे और सच्चे मुसलमान’ को पसंद नहीं करता. उन्होंने कहा कि इस तरह के रुख से भारत और मुसलमानों को नुकसान होता है. राहुल द्वारा आरएसएस की आलोचना किए जाने पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नेहरू ने 1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान सरकार का समर्थन करने के लिए इस हिंदुत्व संगठन की प्रशंसा की थी और उसे 1963 में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था. त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को फैसला करना चाहिए कि वह सही हैं या नेहरू.

 

राहुल गांधी ने अमेठी का अपमान किया : स्­मृति ईरानी

केन्द्रीय मंत्री स्­मृति ईरानी ने शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि अमेठी छोड़ कर जब वो दक्षिण भारत गये तो वहां से उन्होंने अमेठी की जनता, अमेठी का अपमान किया. स्मृति ईरानी ने ट्रामा सेंटर जगदीशपुर में सिटी स्कैन एवं डायग्नोस्टिक सेंटर का शुक्रवार को उद्घाटन किया.

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने के सवाल पर स्मृति ने कहा, ”लोकतंत्र में किसी को भी कहीं से भी चुनाव लड़ने का अधिकार है. वह (राहुल गांधी) अपनी पार्टी के मालिक हैं, लेकिन मैं अपनी पार्टी की एक साधारण सी कार्यकर्ता हूं.” उन्होंने कहा, ”लेकिन अमेठी छोड़ कर जब वो दक्षिण भारत गये तो वहां से उन्होंने अमेठी की जनता का अपमान किया, अमेठी का अपमान किया. अमेठी उसे भूली नहीं है.”

राहुल की तरह दो जगह से चुनाव लड़ने के सवाल पर स्मृति ने कहा, ”भागने की प्रथा उनके यहां है, मेरे यहां नहीं.” उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अजय राय ने बृहस्पतिवार को कहा, ”कांग्रेस और राहुल गांधी का अमेठी से रिश्ता राजनीतिक नहीं बल्कि पीढि.यों का है और उन्हें विश्वास है कि आगामी लोकसभा चुनाव में अमेठी के लोग भारी अंतर से राहुल की जीत सुनिश्चित करेंगे.” अध्­यक्ष नियुक्­त होने के बाद राय ने कहा था कि अमेठी की जनता चाहती है कि राहुल गांधी अमेठी से ही चुनाव लड़ें.

ईरानी ने कहा, ”वह कभी भी अमेठी में अकेले चुनाव नहीं लड़ पाए हैं, अमेठी में साइकिल पर बैठकर सड़कों पर घूमा करते थे, फिर भी इनको तीन-तीन लोगों का समर्थन होता था और एक तरफ हम अकेले होते थे.” इसके पहले समारोह को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने गांधी-नेहरू परिवार का नाम लिए बिना तीखा हमला करते हुए कहा, ”एक कुल के राजनीतिक परिवार को यहां के लोगों ने लंबे समय तक महिमा मंडित किया, संसद भेजा पर उन्होंने यहां के विषय में नहीं सोचा.”

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ”लंबे समय तक इस परिवार का व्यक्ति अमेठी में कांग्रेस का सांसद रहा और माताजी की सरकार रही, लेकिन अमेठी में मेडिकल कॉलेज बाईपास ट्रामा सेंटर सिटी स्कैन और डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना तब हुई, जब केंद्र में नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी.” स्मृति ने कहा कि अमेठी ने उस वक्त को देखा है जब गरीबों को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता था, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था. कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों को मदद पहुंचाने में हमने कहीं भी राजनीति नहीं की. कई कांग्रेस के लोगों से भी मैंने कहा कि आपको कोई दिक्कत होती है आप मुझे बताइएगा इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए.

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