यदि कांग्रेस का प्रधानमंत्री होता तो मणिपुर में हिंसा पर चौथे दिन ही काबू पा लिया जाता: राहुल गांधी

असम सरकार लोगों को यात्रा में शामिल न होने की धमकी दे रही है, जनता भाजपा से डरने वाली नहीं: राहुल

कलियाबोर/बिश्वनाथ. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि यदि देश में उनकी पार्टी का नेता प्रधानमंत्री होता, तो मणिपुर में हिंसा पर चौथे दिन ही काबू पा लिया गया होता. गांधी ने असम के नगांव जिले में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सेना की मदद से तीन दिन के भीतर पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा को काबू कर सकते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐसा करना नहीं चाहती.

उन्होंने कहा, ”मणिपुर कई महीनों से (हिंसा की आग में) जल रहा है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री आज तक वहां नहीं गए. यदि कांग्रेस का प्रधानमंत्री होता, तो हिंसा के तीसरे दिन ही मणिपुर का दौरा करता और चौथे दिन तक हिंसा पर काबू पा लिया गया होता.” गांधी ने कहा, ”यदि प्रधानमंत्री सेना को आदेश देते हैं, तो वे तीन दिन में इसे (हिंसा को) रोक सकते हैं, लेकिन भाजपा इस आग को बुझाना नहीं चाहती और इसी लिए प्रधानमंत्री वहां नहीं जा रहे और सेना को यह तमाशा रोकने का आदेश नहीं दे रहे.”

उन्होंने कहा, ”भाजपा के झंडों के साथ कुछ लोग घूम रहे हैं, लेकिन आम लोग हमारे साथ हैं.” गांधी ने कहा, ”नेता आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन जिनके दिल अहंकार और नफरत से भरे होते हैं, वे जल्द ही गायब हो जाते हैं.” गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर स्पष्ट रूप से निशाना साधते हुए अपने भाषण की शुरुआत में भीड़ से सवाल किया, ”हिंदुस्तान में सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कौन है?” उन्होंने कहा कि वह जहां भी जाते हैं, यही सवाल पूछते हैं और उन्हें यही जवाब मिलता है. बहरहाल, उन्होंने भीड़ द्वारा लिए गए नाम को दोहराया नहीं.

राहुल 22 जनवरी को वैष्णव संत शंकरदेव के जन्मस्थान पर जायेंगे : कांग्रेस

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अयोध्या में रामलला विग्रह के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली बोर्दोवा थान का दौरा करने से बचने की असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के परामर्श पर कांग्रेस ने रविवार को जोर देकर कहा कि गांधी की यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि गांधी अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार असम के नागांव जिले में बोर्दोवा थान का दौरा करेंगे. उन्होंने आग्रह किया कि “इस पर कोई राजनीति नहीं की जानी चाहिए”.
गांधी मणिपुर से मुंबई तक ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का नेतृत्व कर रहे हैं और यह यात्रा 18 जनवरी को असम पहुंची थी और यह 25 जनवरी तक प्रदेश में रहेगी .

कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा रविवार को नागांव पहुंचेगी और रात में वहीं रुकेगी तथा अगली सुबह वहां से आगे के लिये प्रस्थान करेगी.
गांधी के साथ यात्रा में शामिल रमेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”यात्रा का मार्ग 3-4 सप्ताह पहले तय किया गया था और कार्यक्रम के अनुसार, हम 22 जनवरी को नागांव में होंगे.” उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि यह जरूरी है कि हम बोर्दोवा थान का दौरा करें, क्योंकि हम नागांव से गुजर रहे हैं. यह महान समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव का जन्मस्थान है, जिनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है.” कांग्रेस नेता ने कहा, “इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए था. इस पर कोई राजनीति नहीं की जानी चाहिए.” उन्होंने बताया कि गांधी सोमवार सुबह थान का दौरा करेंगे और उसके बाद दिन में आगे की यात्रा शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि इस दौरान वह पड़ोसी मेघालय में प्रवेश करने से पहले मोरीगांव जिले से गुजरेंगे.

यह यात्रा पड़ोसी राज्य मेघालय की एक छोटी यात्रा के बाद असम लौट आएगी. शर्मा ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी को 22 जनवरी को बोर्दोवा थान जाने से बचना चाहिए, क्योंकि भगवान राम और राज्य में एक प्रतीक के रूप में प्रतिष्ठित मध्ययुगीन वैष्णव संत के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकती है.

उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार को यात्रा के दौरान अल्पसंख्यक बहुल इलाकों के संवेदनशील मार्गों पर कमांडो तैनात किये जायेंगे.
उन्होंने कहा, “हम राहुल गांधी से अनुरोध करेंगे कि वह सोमवार को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान बोर्दोवा थान न जाएं, क्योंकि इससे असम की गलत छवि बनेगी.” रमेश ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि गांधी 22 जनवरी को वैष्णव संत शंकरदेव के जन्मस्थान जाएंगे.

असम सरकार लोगों को यात्रा में शामिल न होने की धमकी दे रही है, जनता भाजपा से डरने वाली नहीं: राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि असम की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होने के खिलाफ धमकी दे रही है और यात्रा मार्गों पर कार्यक्रमों की अनुमति देने से भी इनकार कर रही है. राहुल ने विश्वनाथ जिला मुख्यालय विश्वनाथ चरियाली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि लेकिन लोग भाजपा से डरते नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि पार्टी आगामी चुनावों में भाजपा के खिलाफ भारी अंतर से जीत हासिल करेगी.

उन्होंने कहा, ”हम यात्रा में लंबे भाषण नहीं देते हैं. हम हर दिन 7-8 घंटे यात्रा करते हैं, आपके मुद्दों को सुनते हैं और हमारा उद्देश्य इन मुद्दों को उठाना है.” उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को यात्रा में शामिल होने के खिलाफ धमकी दी जा रही है और इसके मार्गों पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है,यहां तक कि राज्य में कांग्रेस के झंडे और बैनरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ”वे (सरकार) सोचते हैं कि वे लोगों को दबा सकते हैं. लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि यह राहुल गांधी की यात्रा नहीं है. यह लोगों की आवाज उठाने की यात्रा है.” यात्रा रविवार सुबह अरुणाचल प्रदेश से विश्वनाथ होते हुए असम में दोबारा प्रवेश कर गई.
उन्होंने कहा, ”न तो राहुल गांधी और न ही असम के लोग आपसे डरते हैं. आप जो चाहें कर सकते हैं… जब चुनाव होंगे, तो कांग्रेस भाजपा को बड़े अंतर से हरा देगी.” गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्हें ”देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” करार दिया.

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