रेल हादसा: कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों के लिए एक करोड़ रु मुआवजा व उच्च स्तरीय जांच की मांग की

रायपुर. छत्तीसग­ढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बिलासपुर रेल हादसे की उच्च स्तरीय जांच और मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है. बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को कथित तौर पर लाल सिग्नल पार करने के बाद एक मेमू (मेनलाइन इले्ट्रिरक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन के एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा जाने से छह महिलाओं सहित ग्यारह लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए.

यह घटना मंगलवार शाम करीब चार बजे मुंबई-हावड़ा रेल खंड पर बिलासपुर और गतोरा रेलवे स्टेशनों के बीच हुई, जब पैसेंजर ट्रेन (कोरबा जिले के) गेवरा से बिलासपुर जा रही थी. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बुधवार को बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बुधवार को बिलासपुर रेल हादसे के घायलों से मिले तथा उनका हाल-चाल जाना.

शुक्ला के मुताबिक, बैज ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये तथा घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.
बैज ने कहा कि बिलासपुर का रेल हादसा बड़ी लापरवाही है और इस मामले की जांच कर कार्यवाही की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, “यह हादसा ‘डबल इंजन’ सरकार की छत्तीसगढ़ के साथ की जा रही उपेक्षा का भी परिणाम है. छत्तीसगढ़ के रेलवे ट्रैक में ‘सुरक्षा कवच’ वाले सिग्नल क्यों नहीं लगाये जा रहे? रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व छत्तीसगढ़ से मिलता है और रेलवे छत्तीसगढ़ की उपेक्षा करता है.” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिलासपुर रेलवे जोन से केवल माल भाड़े से केंद्र की सरकार 25 हजार करोड़ से ज्यादा हर साल कमाती है, लेकिन यहीं के रेल यात्रियों को सुरक्षा कवच नहीं दिया गया.

उन्होंने कहा कि बिलासपुर रेलवे जोन में लगभग 600 किलोमीटर अप और डाउन लाइन में कवच सुरक्षा सिग्नल प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव मई 2024 से केंद्र की मोदी सरकार के पास लंबित है. बैज ने कहा कि छत्तीसग­ढ़ की जनता ने भाजपा के 10 सांसदों को जीताकर लोकसभा भेजा है, जिनमें से एक बिलासपुर के सांसद तोखन साहू केंद्रीय मंत्री हैं और उन्हें कवच सिग्नल प्रणाली पूरे प्रदेश के रेलवे ट्रैक पर लगाने की मांग मोदी सरकार से करनी चाहिए और अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

कांग्रेस प्रदेश प्रमुख ने कहा कि बिलासपुर की जनता ने जिस उम्मीद से उन्हें सांसद चुना था वह उस पर खरे नहीं उतरे. बैज ने कहा कि ट्रेनों में यात्री सुरक्षा की प्राथमिकता तय हो, रेलवे सुरक्षा आयोग की जिम्मेदारी तय की जाए, केवल मुआवजा समाधान नहीं है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा कि ‘ऑटो ब्रेकिंग’ सुरक्षा तकनीक जब पूरे देश में स्थापित की जा रही है तो इसमें छत्तीसगढ़ के रेलवे ट्रैक शामिल क्यों नहीं किए गए हैं?

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