देश की सुरक्षा में नौसेना की भूमिका बताने के लिए राजनाथ ने पुराणों का उदाहरण दिया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 18 Dec 2022 09:47 PM
देश की सुरक्षा में नौसेना की भूमिका बताने के लिए राजनाथ ने पुराणों का उदाहरण दिया
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मुंबई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को देश की समुद्री सुरक्षा में भारतीय नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के लिए ‘पुराणों’ का हवाला दिया. मुंबई में, निर्देशित मिसाइल से लैस विध्वंसक पोत ‘मोरमुगाओ’ को नौसेना में शामिल करने के बाद अपने संबोधन में सिंह ने पुराणों (हिंदू धर्म ग्रंथ) का उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि पुराण केवल कल्पना मात्र हैं, लेकिन उनके पीछे जो सच है, वह हमारे लिए महत्वपूर्ण है. रक्षा मंत्री ने कहा,‘‘मैं यह सब आपके समक्ष कह रहा हूं, क्योंकि पुराणों में समुद्र के महत्व का वर्णन है. शायद ही कोई कहानी हो, जिसमें समुद्र का वर्णन ना हो. पुरणों में कुछ स्थानों पर भगवान विष्णु के क्षीर सागर (दूध का सागर) का वर्णन है, कुछ स्थानों पर राक्षसों के अत्याचार के कारण धरती के समुद्र से आश्रय मांगने का जिक्र है.’’ उन्होंने कहा कि सभी लोग रामायण में समुद्र की भूमिका से भलीभांति परिचित होंगे. राजनाथ सिंह ने कहा कि वह ‘समुद्र मंथन’ का उल्लेख करना चाहेंगे, जिसमें समुद्र से 14 रत्न निकले थे.

उल्लेखनीय है कि पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने एक विशाल कछुए के रूप में अवतरित होकर समुद्र मंथन में देवों और राक्षसों की मदद की थी. उन्होंने कहा कि इन रत्नों में से एक देवी लक्ष्मी भी हैं, जिन्हें धन की देवी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि समुद्र समृद्धि और संपदा का स्रोत है. रक्षा मंत्री ने नौसैनिकों से कहा,‘‘आप हमारे समुद्र की रक्षा करते हैं, इसलिए आप देश की संपदा और समृद्धि की भी रक्षा करते हैं.’’

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