
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को उद्योगपतियों से राज्य में निवेश करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार निवेश प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए अपनी तरह से अतिरिक्त प्रयास करने को तैयार है. माझी ने यह बात ‘उत्कर्ष ओडिशा, मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव’ में अपने स्वागत भाषण में कही. इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था और इसमें 17 देशों के कई प्रतिनिधियों सहित लगभग 7,500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
देश के दो दर्जन से ज़्यादा राज्यों में निवेश आर्किषत करने की होड़ का ज.क्रि करते हुए माझी ने कहा, ह्लहम आपके (निवेशकों) जीवन को थोड़ा आसान बनाने को अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार हैं. अगर आप आधा कदम चलना चाहें तो राज्य सरकार तीन कदम चलने के लिए तैयार है.ह्व माझी ने उद्योगपतियों को बताया कि राज्य सरकार ने ओडिशा में उद्योगों की वृद्धि को सुविधाजनक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने एकल खिड़की मंजूरी और अनावश्यक दस्तावेजीकरण को समाप्त करने का भी निर्णय लिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा न केवल अवसरों की भूमि है, बल्कि यह भारत, विशेष रूप से पूर्वी भारत को आगे बढ़ाने में अगुवा की भूमिका निभाने जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘पूर्वोदय’ के दृष्टिकोण का हिस्सा है. पूर्वोदय पूर्वी भारत के विकास की योजना है.
उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक संसाधन भरपूर हैं. सड़क, रेल और बंदरगाह का बुनियादी ढांचा प्रभावशाली है, दुबई और सिंगापुर जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थलों के लिए सीधी उड़ानों सहित अच्छा हवाई संपर्क है. इसके अलावा यहां कुशल कार्यबल है, शांतिपूर्ण सामाजिक ताना-बाना है, स्थिर सरकार है और सबसे बढ़कर, उद्योग-अनुकूल नीतियां हैं. माझी ने कहा कि अवसरों की तलाश के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे व्यापारिक केंद्रों के साथ-साथ सिंगापुर की उनकी यात्राएं आज फलदायी हो रही हैं क्योंकि उद्योग जगत ने ओडिशा में आकर निवेश करने का भरोसा जताया है.



