खुदरा महंगाई दर नवंबर में घटकर 5.88% पर, 11 माह का निचला स्तर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 12 Dec 2022 08:08 PM
खुदरा महंगाई दर नवंबर में घटकर 5.88% पर, 11 माह का निचला स्तर
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नयी दिल्ली. खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर में घटकर 11 महीने के निचले स्तर 5.88 प्रतिशत पर आ गई है. इस साल यह पहला मौका है जब महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर (दो से छह प्रतिशत) से नीचे आई है.
हालांकि, आरबीआई नीतिगत दर में वृद्धि पर रोक लगाने के निर्णय से पहले अभी और आंकड़ों की प्रतीक्षा कर सकता है. केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति दो प्रतिशत से छह प्रतिशत के बीच रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है.

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति लगातार दूसरे महीने घटी और नवंबर में यह 5.88 प्रतिशत रही. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर, 2022 में 6.77 प्रतिशत और पिछले साल नवंबर में 4.91 प्रतिशत रही थी.

रिजर्व बैंक नीतिगत दर पर निर्णय करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर विचार करता है. केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिये मई से लेकर अबतक पांच बार में नीतिगत दर रेपो में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि की है. रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा में जनवरी-मार्च तिमाही में मुद्रास्फीति के छह प्रतिशत से नीचे आने का अनुमान जताया था.

रेंिटग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति उम्मीद के उलट नवंबर महीने में छह प्रतिशत से नीचे आ गयी. यह खाद्य महंगाई के मोर्चे पर तुलनात्मक आधार कमजोर होने तथा सब्जियों के दाम में नरमी को दर्शाता है. एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने खाद्य पदार्थों की महंगाई दर घटकर 4.67 प्रतिशत पर आ गई जो इससे पिछले महीने में 7.01 प्रतिशत थी. हालांकि विविध ंिजसों, ईंधन और प्रकाश, पान, तंबाकू जैसे उत्पादों की महंगाई सालाना आधार पर बढ़ी है.

नायर ने कहा, ‘‘अब दिसंबर, 2022 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति कितनी नरम पड़ती है, उससे मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की फरवरी में मौद्रिक नीति तय होगी. बैंक आॅफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि हालांकि खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी है, लेकिन व्यापक स्तर पर चीजें अभी परेशान कर रही हैं. कपड़े और जूते, ईंधन और प्रकाश और विविध श्रेणियों में महंगाई दर छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि चूंकि तुलनात्मक आधार का लाभ दिसंबर में उपलब्ध नहीं होगा, ऐसे में मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत से ऊपर रह सकती है.
सबनवीस ने कहा, ‘‘चूंकि आने वाले समय में मुद्रास्फीति के छह प्रतिशत से ऊपर रहने की संभावना है, ऐसे में आरबीआई फरवरी में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि कर सकता है.’’ खुदरा महंगाई दर जनवरी से केंद्रीय बैंक की छह प्रतिशत की संतोषजनक सीमा से ऊपर बनी हुई थी. अब यह 11 महीने के निचले स्तर पर आ गई है. दिसंबर, 2021 में खुदरा महंगाई दर 5.66 प्रतिशत रही थी.

आरबीआई ने महंगाई को काबू में लाने के लिये पिछले सप्ताह प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.35 प्रतिशत बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था. कोटक मंिहद्रा बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा कि मुद्रास्फीति में कमी का प्रमुख कारण खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी है. मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति अभी भी ऊंची बनी हुई है.

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