रसेल की तूफानी पारी से केकेआर की राजस्थान पर रोमांचक जीत

कोलकाता. आंद्रे रसेल की तूफानी नाबाद अर्धशतकीय पारी राजस्थान रॉयल्स के कार्यवाहक कप्तान रियान पराग की 95 रन की शानदारी पारी पर भारी पड़ी जिससे गत चैम्पियन कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में रविवार को यहां एक रन की रोमांचक जीत के साथ प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं.

जमैका के इस 37 साल के खिलाड़ी ने अपने शुरुआती नौ गेंद में सिर्फ दो रन बनाये थे लेकिन इसके बाद छक्कों और चौकों की बारिश करते हुए 25 गेंद की नाबाद पारी में 57 रन बनाये. उनकी छह छक्के और चार चौकों जड़ित नाबाद पारी से केकेआर ने आखिर पांच ओवरों में 85 रन जोड़े. केकेआर को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए लीग चरण के अपने सभी मैच जीतने होंगे और टीम ने घरेलू मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद चार विकेट पर 206 रन बनाये.

जवाब में राजस्थान रॉयल्स की टीम आठ ओवर में 71 रन पर पांच विकेट गंवा कर मुश्किल स्थिति में थी लेकिन कप्तान पराग ने 45 गेंदों में आठ छक्कों और छह चौकों की मदद से अपनी पारी में टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा. केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे के गेंदबाजी में चतुराई से परिवर्तनों ने यह सुनिश्चित किया कि पराग अपने पहले शतक से पांच रन दूर रहे.

आखिरी ओवर में शुभम दुबे (नाबाद 25) ने वैभव अरोड़ा के खिलाफ दो छक्के और चौका जड़ दिया जिससे राजस्थान को जीत के लिए आखिरी गेंद पर तीन रन की जरूरत थी. अरोड़ा ने हालांकि धैर्य बनाये रखा. दुबे ने लॉग ऑफ की तरफ शॉट खेला और दूसरे रन के लिए भागे लेकिन रिंकू सिंह ने गेंदबाज के पास शानदार थ्रो फेंका जिससे जोफ्रा आर्चर रन आउट हो गये और यह रोमांचक मुकाबला केकेआर के नाम हो गया. 11 मैचों में पांचवी जीत से केकेआर की प्ले ऑफ में पहुंचने की उम्मीदें बनी हुई है.

केकेआर के लिए वरुण चक्रवर्ती, र्हिषत राणा और मोईन अली ने दो-दो विकेट लिये जबकि सुनील नारायन ने चार ओवर में सिर्फ 27 रन खर्च किये. प्ले ऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी राजस्थान के लिए लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत अच्छी नहीं रही. वैभव सूर्यवंशी ने वैभव अरोड़ा (50 रन पर एक विकेट) के खिलाफ चौका लगाकर खाता खोला लेकिन अगली गेंद पर आउट हो गये.
अपना पहला मैच खेल रहे कुणाल सिंह राठौड़ भी बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में मोईन की गेंद पर गच्चा खा गये और रसेल ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की.

पराग और यशस्वी जायसवाल (21 गेंद में 34 रन) ने तीसरे ओवर में अरोड़ा के खिलाफ छक्के जड़कर दबाव कम किया. पराग ने चौथे ओवर में र्हिषण राणा के खिलाफ दो चौके और एक छक्का लगाया तो वहीं जायसवाल ने चक्रवर्ती के खिलाफ लगातार दो जबकि र्हिषत के खिलाफ हैट्रिक चौके से पावर प्ले में टीम को दो विकेट पर 59 रन तक पहुंचा दिया. खतरनाक होती इस साझेदारी को मोईन ने सातवें ओवर में जायसवाल को चलताकर तोड़ा. चक्रवर्ती ने अगले ओवर में तीन गेंद के अंदर ध्रुव जुरेल और वानिंदु हसरंगा को आउट कर 71 रन तक राजस्थान की आधी टीम को पवेलियन भेज दिया. दोनों बल्लेबाज स्कोरर को तंग किये बिना बोल्ड हुए. पराग ने इसके बाद अपने दम पर टीम की मैच में वापसी करते हुए अरोड़ा के खिलाफ 12वें ओवर में लगातार दो चौके जड़ने के बाद मोईन के खिलाफ लगातार पांच छक्का लगाने के दौरान 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया. पारी के इस 13वें ओवर से राजस्थान ने 32 रन बटोरे.
उन्होंने अगले ओवर में चक्रवर्ती के खिलाफ रिवर्स स्वीप पर अपनी पारी का लगातार छठा छक्का लगाया.

दूसरे छोर से शिमरोन हेटमायर ने अगले ओवर में नारायण के खिलाफ छक्का लगाकर टीम के स्कोर को 150 रन के पार पहुंचा दिया.
राजस्थान को अब आखिरी पांच ओवर में 52 रन की जरूरत थी लेकिन हेटमायर र्हिषत की बाउंसर गेंद को संभालने में नाकाम रहे और गेंद उनके बल्ले और हेलमेट से टकरने के बाद हवा में लहरा गयी. शॉट थर्डमैन के पास खड़े नारायन ने आसान कैच लपका. उन्होंने 23 गेंद में 29 रन बनाये. हेटमायर और पराग ने छठे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी की जो राजस्थान रॉयल्स के लिए रिकॉर्ड है.
केकेआर गेंदबाज इस दौरान पराग को स्ट्राइक से दूर रखने में सफल रहे जिससे रन और गेंद का फासला एक बार फिर बढ.ना लगा.
दबाव को कम करने के लिए पराग ने र्हिषत के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में अरोड़ा को कैच दे बैठे.मैच का रोमांच हालांकि आखिरी ओवर तक बना रहा और रिंकू के शानदार थ्रो ने केकेआर को यादगार जीत दिला दी.

इससे पहले रसेल को अंगकृष रघुवंशी का बेहतरीन साथ मिला, जिन्होंने 31 गेंदों पर 44 रन (पांच चौके) बनाए. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 33 गेंदों पर 61 रन की साझेदारी की. इसके बाद रिंकू सिंह ने आखिरी ओवर में एक चौका और दो छक्कों की मदद से छह गेंदों पर नाबाद 19 रन बनाकर टीम के स्कोर को 200 रन के पहुंचाने में अपना अहम योगदान दिया. महीश तीक्षना (41 रन पर एक विकेट) ने 14वें ओवर में सिर्फ दो रन खर्च कर रसेल को बड़ा शॉट खेलने से रोके रखा. उन्होंने हालांकि 16वें ओवर में गेंदबाजी के लिए आये आकाश मधवाल के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौका, छक्का और चौका लगाकर अपने तेवर दिखाये.

कार्यवाहक कप्तान रियान पराग ने इसके बाद गेंद जोफ्रा आर्चर (30 रन पर एक विकेट) को दी. रसेल ने लॉग ऑन पर उनके खिलाफ दमदार छक्का जड़ने के बाद गेंदबाज के ऊपर से शानदार चौका लगाया. अगले ओवर में उन्होंने तीक्षणा की बखिया उधेड़ते हुए हैट्रिक छक्का जड़ 23 रन बटोरे. उन्होंने आर्चर की 148 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार वाली गेंद पर छक्का लगाकर मौजूदा सत्र का पहला अर्धशतक पूरा किया.

केकेआर को टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने के बाद अच्छी शुरुआत नहीं मिली. सुनील नारायण नौ गेंद में 11 रन बनाकर युद्धवीर सिंह की गेंद पर बोल्ड हो गये. आर्चर ने अपने शुरुआती दो ओवरों में सिर्फ पांच रन दिये लेकिन केकेआर की पारी ने चौथे ओवर से गति पकड़ी जब कप्तान अजिंक्य रहाणे (30) और रहमानुल्ला गुरबाज (35) ने बाउंड्री लगाने शुरू किये. रहाणे ने युद्धवीर के खिलाफ फ्लिक कर छक्का लगाया. उन्होंने मधवाल के खिलाफ स्ट्रेट में शानदार छक्का जड़ा.

दोनों की 33 गेंद में 56 रन की साझेदारी के दौरान गुरबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. वह 25 गेंद में चार चौके और एक छक्का जड़ तीक्षणा का शिकार बने. रहाणे एक बार फिर स्पिन के खिलाफ सहज नहीं दिखे और रियान पराग (21 रन पर एक विकेट) की गेंद को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों में खेल गये.

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