
मॉस्को. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यदि देश, उसकी संप्रभुता या स्वतंत्रता के लिए कोई खतरा उत्पन्न होता है तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका किसी भी ऐसी कार्रवाई से बचेगा जो परमाणु संघर्ष को जन्म दे सकती हो.
पश्चिम को तीखे शब्दों में चेतावनी देने वाला पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस सप्ताह रूस में राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है जिसमें उनका अगले छह वर्ष के लिए चुना जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है. रूस के सरकारी टेलीविजन चैनल के साथ एक साक्षात्कार में पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक अनुभवी राजनीतिज्ञ के रूप में र्विणत किया और कहा कि वह तनाव बढ.ने के संभावित खतरों को पूरी तरह से समझते हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दुनिया परमाणु युद्ध की ओर बढ. रही है.
लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस के परमाणु बल पूरी तैयार हैं तथा ‘सैन्य प्रौद्योगिकी दृष्टिकोण से हम पूरी तरह तैयार हैं.’ पुतिन ने कहा देश के सुरक्षा सिद्धान्त के तहत कि अगर मास्को की संप्रभुता या स्वतंत्रता को कोई खतरा होता है तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने के बाद से रूसी नेता ने बार-बार परमाणु हथियारों का उपयोग करने की अपनी तत्परता को प्रर्दिशत किया है.
इसी तरह की सबसे हालिया धमकी पिछले महीने उनके राष्ट्र के नाम संबोधन में आई थी, जब उन्होंने पश्चिम को चेतावनी दी कि यूक्रेन में युद्ध में उनकी भागीदार बढ.ने से परमाणु युद्ध का खतरा हो सकता है. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कभी यूक्रेन में युद्धक्षेत्र में परमाणु हथियारों का उपयोग करने पर विचार किया है, पुतिन ने कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं पड़ी.
उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि मॉस्को यूक्रेन में अपने लक्ष्यों को हासिल करेगा और उन्होंने बातचीत के लिए दरवाजे खुले होने की बात कही. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी समझौते के लिए पश्चिम से पक्की गारंटी की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा “यह शत्रु के लिए एक अल्पविराम नहीं होना चाहिए जिससे उसे अपने लिए हथियार जुटाने का मौका मिल जाए बल्कि एक गंभीर बातचीत होनी चाहिए जिसमें रूसी संघ के लिए सुरक्षा की गारंटी शामिल हो.”
पुतिन ने कहा कि रूस के काफी भीतर तक यूक्रेनी ड्रोन हमलों में हालिया वृद्धि देश के तीन दिवसीय राष्ट्रपति चुनाव को पटरी से उतारने के प्रयासों का हिस्सा है. राष्ट्रपति चुनाव शुक्रवार से शुरू हो रहा है और जिसे वह भार बहुमत से जीतने की उम्मीद कर रहे हैं. उनकी इस उम्मीद का कारण उनके पिछले 24 साल के शासन के दौरान रूस के राजनीतिक परिदृश्य पर उनकी मजबूत पकड़ रही है.
यूक्रेन के हमले को नाकाम कर 234 लड़ाकों को मार गिराया: रूस
रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार रात को कहा कि उसकी सेना और सुरक्षा बलों ने रूस के सीमावर्ती क्षेत्र में हुए हमले को नाकाम करते हुए 234 लड़ाकों को मार गिराया है. मंत्रालय ने एक बयान में हमले के लिए ”कीव शासन” और ”यूक्रेन के आतंकवादी संगठनों’ को जिम्मेदार ठहराया. उसने जोर देकर कहा कि रूसी सेना और सीमा बल हमलावरों को रोकने और सीमा पार से होने वाले हमलों को नाकाम करने में सक्षम हैं. बयान में यह भी कहा गया है कि हमलावरों के सात टैंक और पांच बख्तरबंद वाहनों को तबाह कर दिया गया.
मंगलवार सुबह सीमा पर हुई लड़ाई के बारे में कोई खास सूचना नहीं है. युद्ध शुरू होने के बाद से क्षेत्र में सीमा पार से छिटपुट हमले होते रहे हैं लेकिन दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जाने के कारण स्थिति हमेशा भ्रामक रही है. अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को यूक्रेन के ड्रोन ने रूस के अंदर दो तेल प्रतिष्ठानों पर हमला किया,वहीं यूक्रेन के रूसी विरोधियों ने दावा किया है कि सशस्त्र बलों ने रूस के सीमावर्ती क्षेत्र में घुसपैठ की है.
कीव के अधिकारियों का कहना है कि ये सैनिक यूक्रेन के लिए लड़ने वाले रूसी स्वयंसेवक हैं और उन्होंने सीमा पार करने का दावा किया है. ‘फ्रीडम ऑफ रशिया लीजन’, ‘रशियन वालंटियर कॉर्प्स’ और ‘साइबेरियन बटालियन’ ने सोशल मीडिया पर बयान और वीडियो जारी कर रूसी क्षेत्र में होने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि वे “रूस को पुतिन की तानाशाही से मुक्त कराना चाहते हैं.”



