
नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पांच जनवरी को संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर भीड़ द्वारा किए गए हमले के संबंध में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख, उसके भाई और पांच अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है और उन पर आपराधिक साजिश तथा हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि मामले में एजेंसी का पहला आरोपपत्र सोमवार को बशीरहाट विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया.
पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में शेख के घर पर छापेमारी करने गई ईडी की टीम पर करीब 1,000 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था. उन्होंने बताया कि टीम शेख को गिरफ्तार करने भी गई थी क्योंकि घोटाले में जांच के घेरे में आए और गिरफ्तार किए गए राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योति प्रिय मलिक के साथ उसके कथित करीबी संबंध थे. अधिकारियों ने बताया कि आरोपपत्र में सात लोगों के नाम हैं, जिनमें शेख, उसका भाई आलमगीर और सहयोगी जियाउद्दीन मुल्ला, मफुजर मुल्ला और दीदारबख्श मुल्ला शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 307 (हत्या का प्रयास) के अलावा दंगा और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने समेत कई अन्य आरोप लगाए हैं. संदेशखाली कोलकाता से लगभग 80 किलोमीटर दूर एक नदी द्वीपीय क्षेत्र है. शेख और उसके लोगों पर स्थानीय महिलाओं ने जमीन हड़पने और यौन शोषण का आरोप लगाया है, जिसके बाद से यह क्षेत्र खबरों में बना हुआ है. सीबीआई ने पांच जनवरी को हुई घटनाओं से संबंधित तीन मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली. शेख को राज्य पुलिस ने 29 फरवरी को गिरफ्तार किया था और छह मार्च को सीबीआई ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया.
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, “जांच से पता चला है कि शाहजहां शेख उस घटना के पीछे मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें ईडी के अधिकारियों पर उस समय हमला किया गया था, जब वे पीडीएस योजना के माध्यम से राशन की खरीद और वितरण में अनियमितताओं से अर्जित की आय से संबंधित धन शोधन के आरोपों के मामले में उसके आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी लेने गए थे.”



