
मुंबई. अभिनेत्री सरगुन मेहता का कहना है कि निर्माता एकता कपूर ने भारतीय टेलीविजन उद्योग में और अधिक महिला फिल्म निर्माताओं के लिए रास्ता बनाया और ऐसी सामग्री पेश की जो उनके किरदारों और वास्तविक जीवन से मेल खाती है. टीवी जगत और पंजाबी फिल्म उद्योग में एक अभिनेत्री के रूप में अपनी जगह बनाने वाली सरगुन एक निर्माता के रूप में कई परियोजनाओं को लेकर कतार में हैं, जिसमें टीवी शो, ‘बादल पे पांव है’ भी शामिल है.
उन्होंने कहा ”टीवी उद्योग में, एकता कपूर ने सभी के लिए रास्ता साफ कर दिया. उन्होंने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि हमें यह कहने की परेशानी न हो कि ‘आप यह (शो का निर्माण) कैसे करेंगे?’ उन्होंने पहले ही इतना कुछ कर लिया है कि कोई भी सवाल नहीं उठा सकता. ” अभिनेत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में बताया ”पंजाबी फिल्मों में, वे हमारे निर्माण के विचार के अभ्यस्त नहीं थे. ऐसा नहीं है कि उन्होंने मेरा मजाक उड़ाया, बल्कि उन्होंने मुझे कम आंका. उन्होंने नहीं सोचा था कि मैं फिल्मों को उस तरह से कर पाऊँगी, जैसा मैंने किया.” पंजाबी फिल्मों और टीवी शो जैसे ‘काला शाह काला’, ‘झल्ले’, ‘उड़ारियां’ और ‘जुनूनियत’ का निर्माण करने वाली सरगुन मेहता ने कहा कि उन्हें एहसास हुआ है कि अभिनय करना निर्माण करने से कहीं ज़्यादा आसान काम है.
उन्होंने कहा ”मुझे अब एहसास हुआ है कि निर्माण के काम में मेहनत नहीं दिखती. एक कलाकार के तौर पर जब मैं सेट पर आती हूँ, तो मुझे लगता है, ‘मेरे पास करने के लिए बहुत काम है’, लेकिन यूनिट (क्रू), निर्माता और क्रिएटिव टीम जैसे अन्य लोग हैं जो महीनों या सालों से इस पर काम कर रहे हैं. ” मेहता ने कहा ”कलाकारों के शिकायत करने पर मैं कहती हूँ, ‘आपके पास करने के लिए एक मज़ेदार काम है, शिकायत मत करो’. मैं यह नहीं कह रही हूँ कि यह एक आसान काम है. कलाकार होना मुश्किल है लेकिन दूसरा काम आपकी धारणा को बदल सकता है. मैं यह (निर्माण) इसलिए करती हूँ क्योंकि मैं जो बना रही हूँ उस पर मैं मेरा नियंत्रण पसंद करती हूँ.”
उन्होंने कहा कि वह पंजाबी फिल्म उद्योग में अपनी अभिनय यात्रा शुरू करके खुश हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है. उन्होंने 2015 में पंजाबी रोमांटिक-कॉमेडी फीचर फिल्म ‘अंग्रेज’ के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की, जो उस साल की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई. उनके कुछ अन्य उल्लेखनीय कामों में ‘लव पंजाब’, ‘लाहोरिए’, ‘क.स्मित’, ‘मोह’, और ‘जट्ट नु चुड़ैल टकरी’ शामिल हैं.
मेहता ने कहा “उस समय, पंजाबी फिल्म उद्योग इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था. हर कोई मुझसे पूछता था, ‘तुम यह क्यों कर रहे हो?’ मैं कहती, ‘मुझे यह पसंद है और यह सब अच्छा है’. फिर यह उद्योग विकास के मामले में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है.” उन्होंने कहा “पहले चार फिल्में बन रही थीं. अब, हम एक साल में 60 फिल्में बना रहे हैं, और बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू रहे हैं. मैं एक बढ़ते उद्योग का हिस्सा बनकर खुश हूं. आप इस तरह से संतृप्त नहीं हैं. हर कोई और अधिक करने के लिए उत्सुक है और वे बहुत प्रयोग कर रहे हैं.”



