संसद भवन की सुरक्षा होगी और भी चाक-चौबंद, सीपीडब्ल्यूडी ने जारी की निविदा

नयी दिल्ली: संसद भवन परिसर की सुरक्षा अब और भी चाक-चौबंद होने जा रही है। संसद भवन के चारों ओर की बाहरी परिधि में न सिर्फ विशेष प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी बल्कि वहां बिजली युक्त बाड़ (इलेक्ट्रिक पावर फेंस) भी लगायी जाएगी।

इतना ही नहीं, इस सुरक्षा कवच को और मजबूत बनाने के लिए परिसर को अत्याधुनिक आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क और घुसपैठ का पता लगाने वाली उन्नत प्रणाली से भी लैस किया जाएगा। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की चौकस निगाहें भी परिसर की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगी।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने अपनी वेबसाइट पर इस संबंध में एक निविदा जारी कर दी है। इसके अनुसार, इस कार्य की अनुमानित लागत 14.62 करोड़ रुपये से अधिक रखी गई है और निविदा की बोली 18 सितंबर 2025 को खोली जाएगी।

सीपीडब्ल्यूडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस परियोजना में संयुक्त उद्यम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संसद की सुरक्षा को लेकर यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल के वर्षों में कुछ घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।

पिछले महीने एक व्यक्ति संसद की दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। इससे पहले लोकसभा कक्ष में 13 दिसंबर 2023 को दो व्यक्तियों ने सुरक्षा में सेंध लगाते हुए दर्शक दीर्घा से छलांग लगाकर एक कैन फेंकी थी, जिसमें से रंगीन धुआं निकला था जबकि दो अन्य ने परिसर के बाहर भी ऐसा ही कृत्य किया था।

इन घटनाओं के मद्देनजर संसद भवन की सुरक्षा को और चाक-चौबंद करने की तैयारी की जा रही है।
सीपीडब्ल्यूडी की वेबसाइट पर जारी निविदा के ब्यौरे के अनुसार, पात्र एजेंसियों / ठेकेदारों से संसद भवन परिसर की बाहरी परिधि को विशेष प्रकाश व्यवस्था और बिजली युक्त बाड़बंदी (इलेक्ट्रिक पावर फेंस) से लैस करने, आॅप्टिकल फाइबर एवं घुसपैठ का पता लगाने वाली प्रणाली से सुसज्जित करने तथा सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था से युक्त बनाने का कार्य चार महीने में पूरा करने की अपेक्षा की जाती है।

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