
नयी दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) से आग्रह किया कि आगामी वनडे विश्व कप में राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों की जर्सी पर ‘इंडिया’ के बजाय ‘भारत’ लिखा जाये. सहवाग ने बीसीसीआई सचिव जय शाह को ‘टैग’ करते हुए सुझाव दिया कि खिलाड़ियों को ऐसी जर्सी पहननी चाहिए जिस पर ‘भारत’ लिखा हो.
सहवाग ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”मेरा हमेशा से मानना है कि नाम ऐसा होना चाहिए जो हममें गर्व पैदा करे. हम भारतीय हैं, ‘इंडिया’ नाम अग्रेंजों ने दिया था और आधिकारिक रूप से हमारा मूल नाम ‘भारत’ वापस लाने में लंबा समय हो चुका है. मैं बीसीसीआई (सचिव) जय शाह से यह आग्रह करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि इस विश्व कप में हमारे खिलाड़ी अपनी छाती पर ‘भारत’ लिखी हुई जर्सी पहने. ”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”टीम इंडिया नहीं, टीम भारत. इस विश्व कप में जब हम कोहली, रोहित, बुमराह, जड्डू के लिए चीयर करेंगे तो हमारे दिल में भारत होगा और खिलाड़ी ‘भारत’ लिखी जर्सी पहनेंगे. ” सहवाग की यह टिप्पणी राष्ट्रपति भवन द्वारा नौ सितंबर को जी20 रात्रिभोज के लिए आमंत्रण भेजने के विवाद के बाद आयी है जिसमें ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ के बजाय ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा है. कई राजनेता इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं. पर सहवाग ने अन्य देशों का भी उदाहरण दिया जिन्होंने अपने नाम में बदलाव किया है.
उन्होंने लिखा, ”नीदरलैंड 1996 विश्व कप में भारत में ‘हालैंड’ के नाम से विश्व कप खेलने आया था. पर 2003 में जब हम उनसे मिले तो वे ‘द नीदरलैंड’ थे और तब से ऐसा ही है. बर्मा ने भी अंग्रेजों द्वारा दिये गये नाम को बदलकर म्यामां कर लिया. ” इस पूर्व धुरंधर सलामी बल्लेबाज ने कहा, ”और भी कई अन्य देश हैं जिन्होंने अपना मूल नाम वापस रख लिया है. ” खबर है कि केंद्र सरकार 18 से 22 सितंबर तक होने वाले संसद के विशेष सत्र में ‘इंडिया’ का नाम बदलकर भारत करने पर विचार कर रही है.
खिलाड़ियों को राजनीति में नहीं उतरना चाहिए: सहवाग
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को कहा कि खिलाड़ियों को राजनीति में आने से बचना चाहिए और जो राजनीति में उतरते हैं वे केवल ‘ अहंकार और सत्ता की भूख’ के लिए ऐसा करते हैं. सहवाग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,” मेरी राजनीति में कतई दिलचस्पी नहीं है. पिछले दो चुनावों में दोनों बड़ी पार्टियों ने मुझसे संपर्क किया था.”
उन्होंने कहा,” मेरा मानना है कि फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को राजनीति में नहीं उतरना चाहिए क्योंकि अधिकतर अपने अहंकार और सत्ता की भूख के लिए राजनीति में आते हैं और लोगों के लिए मुश्किल से वास्तविक समय निकाल पाते हैं. कुछ अपवाद हो सकते हैं लेकिन अधिकतर पीआर के लिए ऐसा करते हैं.” सहवाग ने कहा,” मुझे क्रिकेट से जुड़े रहना और कमेंट्री करना अच्छा लगता है तथा मेरी अंशकालिक सांसद बनने की कतई इच्छा नहीं है.”
सहवाग उस व्यक्ति के सवाल का जवाब दे रहे हैं जिनका मानना था कि इस विस्फोटक बल्लेबाज को गौतम गंभीर से पहले सांसद बनना चाहिए था. सहवाग की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जबकि दिल्ली के उनके साथी गंभीर पाकिस्तान के खिलाफ भारत के एशिया कप मैच के दौरान पालेकल में दर्शकों को उंगली दिखाने के कारण विवाद के केंद्र में हैं. गंभीर ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि कुछ दर्शक भारत विरोधी नारे लगा रहे थे.
गंभीर ने सोमवार को यहां मीडियार्किमयों से कहा, ” जब आप मैच देखने के लिए आएं तो राजनीतिक नारेबाजी न करें. आप अगर भारत विरोधी नारे या कश्मीर के बारे में कुछ कहेंगे तो आप मुझसे चुप रहने की उम्मीद नहीं कर सकते. सोशल मीडिया आपको कभी पूरी तस्वीर नहीं दिखाता है.” मीडिया के एक वर्ग की रिपोर्ट के अनुसार गंभीर जब मैदान से वापस प्रसारण क्षेत्र में जा रहे थे तो दर्शक कोहली कोहली चिल्लाने लग गए थे लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्रतिक्रिया कोहली को लेकर नहीं थी.
गंभीर ने कहा, ” सोशल मीडिया पर जो दिखाया जाता है वह सही नहीं होता. लोग सोशल मीडिया पर वही दिखाते हैं जो वह चाहते हैं. वहां पर भारत विरोधी नारे लग रहे थे. वहां पर कश्मीर को लेकर नारे लग रहे थे ऐसे में प्रतिक्रिया देना लाजमी है, मैं वहां से हंस कर नहीं निकल सकता.”



