साल 2024 में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी 99.7 प्रतिशत रही: RBI

मुंबई. देश में कैलेंडर वर्ष 2024 के दौरान भुगतान प्रणाली में मात्रा के हिसाब से डिजिटल भुगतान लेनदेन 99.7 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 97.5 प्रतिशत रहा. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. रिपोर्ट में कहा गया कि यह प्रवृत्ति 2025 की पहली छमाही में भी जारी रही. रिजर्व बैंक की जून, 2025 की अर्धवार्षिक भुगतान प्रणाली रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में हाल के वर्षों में भुगतान प्रणाली में काफी तेजी से वृद्धि हुई है.

देश में भुगतान प्रणाली कई प्रकार के तरीकों का समूह है, जो उपयोगकर्ताओं की विविध जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है. इनमें कागज आधारित साधन जैसे चेक और डिजिटल भुगतान प्रणाली दोनों शामिल हैं. डिजिटल भुगतान प्रणालियों में एनईएफटी, आईएमपीएस, आरटीजीएस, एनएसीएच, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, प्रीपेड भुगतान उपकरण और यूपीआई शामिल हैं.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सभी प्रकार के भुगतान में वृद्धि हो रही है, सिवाय कागज आधारित साधनों के. मूल्य के हिसाब से चेक कुल लेनदेन का केवल 2.3 प्रतिशत हिस्सा है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में कुल 3,248 करोड़ भुगतान हुए थे, जो 2024 तक ब­ढ़कर 20,849 करोड़ हो गए. इसी अवधि में कुल भुगतान की रकम 1,775 लाख करोड़ रुपये से ब­ढ़कर 2,830 लाख करोड़ रुपये हो गई.
रिपोर्ट में कहा गया है कि जून, 2025 को समाप्त छमाही में 12,549 करोड़ लेन-देन हुए. इसमें 1,572 लाख करोड़ रुपये की राशि शामिल है.

भुगतान में लगभग सारी वृद्धि डिजिटल भुगतान लेनदेन के कारण हुई है. साल 2019 में कुल भुगतान लेनदेन में से लगभग 96.7 प्रतिशत लेनदेन संख्या के हिसाब से और 95.5 प्रतिशत लेनदेन रकम के हिसाब से डिजिटल माध्यम से हुए. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 तक डिजिटल भुगतान का हिस्सा संख्या के हिसाब से ब­ढ़कर 99.7 प्रतिशत और रकम के हिसाब से 97.5 प्रतिशत रहा. यह ब­ढ़ोतरी 2025 के पहले छह महीनों में भी जारी रही. इस अवधि में डिजिटल भुगतान कुल लेनदेन की संख्या के हिसाब से 99.8 प्रतिशत और रकम के हिसाब से 97.7 प्रतिशत हिस्सा रहा.

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