
जकार्ता. दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने मंगलवार को यहां इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट के प्रीक्वार्टर फाइनल में जगह बनाई लेकिन लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय पहले दौर में हारकर बाहर हो गए.
सिंधू ने महिला एकल में अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी जापान की नोजोमी ओकुहारा को एक घंटे 19 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 22-20, 21-23, 21-15 से हराया. अब राउंड 16 में उनका सामना थाईलैंड की छठी वरीयता प्राप्त पोर्णपावी चोचुवोंग से होगा. सिंधू ने मैच के बाद कहा, ”पहले दौर में जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे निश्चित तौर पर मेरा हौसला बढ़ेगा. मैं पहले दौर में हारती रही हूं, इसलिए इस तरह के मैच जीतना मेरे लिए बहुत उपयोगी और महत्वपूर्ण है.” सेन ने एक घंटे और पांच मिनट तक चले पुरुष एकल मुकाबले में दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी चीन के शि यू क्यू से 11-21 22-20 15-21 से हारने से पहले कड़ी चुनौती पेश की.
भारत के इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने पीठ की चोट से उबरकर वापसी की. चोट के कारण वह पिछले सप्ताह मलेशिया ओपन में मैच के बीच से हट गए थे लेकिन यहां उन्होंने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया.
पहला गेम आसानी से गंवाने और दूसरे गेम में 11-17 से पीछे होने के बाद सेन ने जोरदार वापसी की. उन्होंने एक मैच प्वाइंट बचाया और 22-20 से गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक खींच दिया. लेकिन इसके बाद वह अपनी लय बरकरार नहीं रख पाए.
पुरुष एकल में एचएस प्रणय भी इस 1,450,000 डॉलर इनामी टूर्नामेंट से बाहर हो गए. उन्हें इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से 17-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा.
फिर सात्विक और चिराग की पुरुष युगल जोड़ी ने इंडोनेशिया के लियो रॉली कार्नांडो और बागास मौलाना को 67 मिनट तक चले पहले दौर के मुकाबले में 18-21 21-18 21-14 से हराकर राउंड 16 में जगह बनाई. सिंधू और ओकुहारा के बीच गलतियों से भरा मैच रोमांचक रहा, जिसमें काफी गेम प्वाइंट और मैच प्वाइंट मिले. सिंधू ने पहला गेम 22-20 से जीता. भारतीय खिलाड़ी ने इस दौरान एक गेम प्वाइंट बचाया और महत्वपूर्ण क्षणों में आक्रामक शॉट लगाए.
दूसरे गेम में सिंधू ने शुरुआत में दो अंकों की मामूली बढ़त हासिल की, लेकिन इंटरवल तक वह 7-11 से पीछे थीं. उन्होंने वापसी की और जोरदार क्रॉस-कोर्ट स्मैश के साथ दो मैच प्वाइंट हासिल किए. लेकिन सिंधू ने लगातार गलतियां की जिसका फायदा उठाकर ओकुहारा 20-20 से बराबरी पर आ गईं. जापानी खिलाड़ी ने आखिरकार दूसरा गेम 23-21 से जीत लिया.
निर्णायक गेम में ब्रेक तक सिंधू 11-9 से आगे थीं और फिर उन्होंने लगातार विनर्स लगाते हुए आठ मैच प्वाइंट हासिल किए और पांचवें मैच प्वाइंट को भुनाकर अगले दौर में प्रवेश किया. सिंधू महिला एकल के अगले दौर में जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी रही. अब उनका मुकाबला थाईलैंड की छठी वरीयता प्राप्त पोर्नपावी चोचिवोंग से होगा.
मालविका बंसोड़ इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी के खिलाफ महिला एकल मैच के बीच में ही रिटायर हो गईं. भारतीय खिलाड़ी जब 21-16 16-15 से आगे चल रही थीं तब वह कोर्ट पर फिसलने के कारण चोटिल हो गई और उन्हें कोर्ट छोड़ना पड़ा. अनुपमा उपाध्याय कोरिया की किम गा इयुन से सीधे गेम में 15-21, 9-21 से जबकि रक्षिता रामराज थाईलैंड की सुपानिडा से 21-14, 15-21, 12-21 से हार गईं.



