सोरेन ने केजरीवाल की जमानत पर रिहाई का दिया हवाला, चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम राहत का किया अनुरोध

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 13 May 2024 08:32 PM
सोरेन ने केजरीवाल की जमानत पर रिहाई का दिया हवाला, चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम राहत का किया अनुरोध
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नयी दिल्ली. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कथित संलिप्तता वाले धनशोधन मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें भी लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दिए जाने का शीर्ष अदालत से सोमवार को अनुरोध किया. सोरेन को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ सोरेन की गिरफ्तारी को चुनौती देनी वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई और उसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से 17 मई तक जवाब देने को कहा. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोरेन का पक्ष रखते हुए पीठ से कहा, ”मेरा मामला भी अरविंद केजरीवाल मामले में सुनाए गए आदेश के दायरे में आता है. मुझे भी प्रचार अभियान के लिए जमानत चाहिए.” पीठ ने कहा कि वह प्रवर्तन निदेशालय का पक्ष सुने बिना झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता को अंतरिम जमानत नहीं दे सकती.

पीठ ने शुरुआत में मामले की सुनवाई 20 मई के लिए सूचीबद्ध की थी लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल एवं अरुणाभ चौधरी ने कहा, ”तब तक चुनाव खत्म हो जाएगा और अगर मामले में बाद की तारीख दी गई तो यह उनके (सोरेन के) साथ पक्षपात होगा.” पीठ ने कहा कि इस सप्ताह बहुत ज्यादा काम है और बहुत से मामले सूचीबद्ध हैं. सिब्बल ने कहा, ”तो इस याचिका को खारिज कर दीजिए… राज्य में चुनाव खत्म हो जाएंगे.” पीठ ने सिब्बल से कहा कि मामले को या तो न्यायालय की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद या छुट्टियों के दौरान सूचीबद्ध किया जा सकता है.

न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, ”मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता. सबसे निकट की उपलब्ध तारीख 20 मई है. हम कभी एक सप्ताह का समय नहीं देते.” शीर्ष अदालत ने तारीख बदलने पर अनिच्छा जताई लेकिन सिब्बल के बार-बार अनुरोध करने पर सुनवाई की तारीख को बदलकर 17 मई कर दिया गया. पीठ ने कहा, ”’हमें नहीं पता कि मामले पर सुनवाई हो पायेगी या नहीं, फिर भी हम इसे 17 मई के लिए सूचीबद्ध कर रहे हैं.” मामले की सुनवाई की शुरुआत में पीठ ने सिब्बल से पूछा कि क्या सोरेन के पास 8.86 एकड़ का वह भूखंड है, जिसे अवैध रूप से हासिल करने का उन पर आरोप है.

सिब्बल ने कहा, ”उस जमीन पर राज कुमार पाहन नामक व्यक्ति का कब्जा है लेकिन उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है.” सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी जिसे अदालत ने तीन मई को खारिज कर दिया था. इसके बाद सोरेन ने शीर्ष अदालत का रुख किया. सोरेन ने गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका पर न्यायालय का फैसला आने तक लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत का अनुरोध किया. सोरेन इस समय न्यायिक हिरासत में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं.

शीर्ष अदालत ने 10 मई को अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी. केजरीवाल को कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. झारखंड की चार लोकसभा सीट – खूंटी, सिंहभूम, लोहरदगा और पलामू – पर सोमवार को मतदान हुआ. शेष 10 लोकसभा सीट के लिए अगले तीन चरण में 20, 25 मई और एक जून को मतदान होगा.

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