दक्षिण अफ्रीका अपने यहां से चीते भारत, मोजाम्बिक भेजेगा

बेला-बेला. दक्षिण अफ्रीका अपने चीतों को भारत तथा मोजाम्बिक भेज रहा है. यह, उन क्षेत्रों में विशिष्ट चित्तीदार जानवरों को भेजने के उसके महत्वाकांक्षी प्रयासों का हिस्सा है, जहां इनकी आबादी कम हो गयी है. दक्षिण अफ्रीका के अभयारण्यों में पकड़े गए चार चीतों को विमान के जरिए इस हफ्ते मोजाम्बिक भेजा गया. इससे पहले उन्हें करीब एक महीने तक पृथकवास में रखा गया था. संरक्षणवादी अक्टूबर में 12 और चीतों को भारत भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

चीता को दुनिया में सबसे अधिक फुर्तीला स्तनधारी जानवर माना जाता है. मोजाम्बिक जाने वाले चीतों को बेहोश करने तथा ंिपजड़े में डालने के बाद वन्यजीव पशु चिकित्सक एंडी फ्रेजियर ने कहा कि दूसरे स्थानों पर जाना इन पशुओं के लिए मुश्किल है. उन्होंने चीतों को बेहोश करने पर कहा, ‘‘ंिपजड़े में रहना चीतों के लिए बहुत तनावपूर्ण प्रक्रिया है क्योंकि बेहोश होने के कारण वे कहीं नहीं जा पाते. हमें बहुत सावधानीपूर्वक इंजेक्शन लगाना होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि हम उन्हें सुरक्षित रूप से बेहोश करने के लिए इंजेक्शन की पर्याप्त खुराक दें.’’

फ्रेजियर ने कहा कि टीम बड़े तथा और चुनौतीपूर्ण अभियान के तौर पर चीतों को भारत भेजने की तैयारी कर रही है क्योंकि चीतों को अधिक लंबी दूरी का सफर करना पड़ेगा. चीता की दो प्रजातियां हैं. किसी वक्त एशिया में पायी जाने वाली चीते की एक प्रजाति को 1952 में भारत में विलुप्त घोषित कर दिया गया था और अब ये केवल ईरान में पाए जाते हैं. तब से ही इन चीतों को भारत में लाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

शुरुआत में ईरान से चीतों को भेजने की योजना थी लेकिन अब दक्षिणी अफ्रीकी देशों से इन्हें भेजा जा रहा है. इस प्रयास में नामीबिया आठ चीतों को भेज रहा है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका अक्टूबर में 12 चीतों को भारत भेजेगा.

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