श्रीकांत का मलेशिया मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन फाइनल में हार के साथ हुआ समाप्त

कुआलालंपुर. भारतीय खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत रविवार को यहां मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल फाइनल में चीन के विश्व के चौथे नंबर के खिलाड़ी ली शी फेंग से सीधे गेम में हारकर उप विजेता रहे और लंबे समय से चला आ रहा उनके खिताब का सूखा खत्म नहीं हो सका.

चोटों और मौकों को गंवाने के बाद वापसी करने वाले 32 वर्षीय श्रीकांत ने छह साल में पहली बार बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल में जगह बनाई. क्वालीफायर से शुरूआत करने के बाद फाइनल तक पहुंचे इस भारतीय का शानदार अभियान 36 मिनट में दूसरे वरीय शी फेंग से 11-21 9-21 से मिली हार से खत्म हो गया. वह शी फेंग के मजबूत रक्षण को भेदने में संघर्ष करते दिखे और शुरुआती मौकों को भुनाने में भी असफल रहे.

श्रीकांत ने मैच के बाद कहा, ”यह सप्ताह काफी अच्छा रहा. यह मेरा सत्र का तीसरा टूर्नामेंट है, पहले दो टूर्नामेंट में भी मैंने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली. अब तक जिस तरह से खेल रहा हूं, उससे मैं काफी खुश हूं. आज मैं जिस तरह से खेलना चाहता था, वैसा नहीं हुआ, लेकिन वह (शी फेंग) काफी अच्छा खेला. ” उन्होंने कहा, ”मेरे करियर में एक ऐसा समय था जब मैं वहां खड़े रहने का आदी था और फिर काफी समय बीत गया. इसलिए पोडियम पर वापस आना वाकई खास लगता है. ” इस हार के बावजूद यह उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया. वह इस महीने की शुरुआत में विश्व रैंकिंग में 82वें स्थान पर खिसक गये थे. उन्होंने शानदार कौशल से दुनिया को अपनी क्षमता का अहसास कराया.

श्रीकांत पिछली बार बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर पर 2019 में इंडिया ओपन के फाइनल में पहुंचे थे. वह तब भी उपविजेता रहे थे. वह 2021 विश्व चैंपियनशिप में भी रजत पदक विजेता रहे थे. श्रीकांत ने शुरुआत में गलतियां की जिससे वह अंक गंवा बैठे और शी फेंग 6-3 से आगे निकल गए. भारतीय खिलाड़ी के बैकहैंड पर सीधे स्मैश से प्रतिद्वंद्वी 8-5 तक पहुंच गया. श्रीकांत के नेट पर स्मैश ने चीनी खिलाड़ी को ब्रेक तक पांच अंक की बढ़त दिला दी.

सहज गलतियों से श्रीकांत को नुकसान पहुंचा. उनके दो लूज शॉट लंबे चले गए और ली फेंग ने सटीक क्रॉसकोर्ट विनर से जवाब दिया जिससे स्कोर 14-8 हो गया. श्रीकांत ने 10-16 से पीछे थे और ली फेंग ने लगातार ‘डाउन-द-लाइन’ स्मैश से 16 मिनट में शुरुआती गेम खत्म कर दिया.

दूसरे गेम में श्रीकांत ने हालांकि बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन कड़ी रैलियों के बावजूद उनके स्ट्रोक्स अक्सर ‘वाइड’ या ‘लॉन्ग’ जाते रहे जिससे ली फेंग ने ब्रेक तक 11-5 की बढ़त हासिल की. इससे भारतीय खिलाड़ी के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया और चीन के खिलाड़ी ने खिताब जीत लिया. श्रीकांत का 2019 इंडिया ओपन के बाद से यह पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल था और 2021 के बाद से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा.

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