
जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तीर्थ स्थलों को सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का प्रतीक बताते हुए सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है. शर्मा ने दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत जयपुर से मदुरई और रामेश्वरम के लिए इस वित्त वर्ष की पहली तीर्थ यात्रा विशेष ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया.
इस अवसर पर उन्होंने कहा, ”हमारे जीवन में तीर्थ यात्रा का बहुत महत्व है. हमारे तीर्थ स्थल सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है तथा हमारी संस्कृति में भी इनकी असाधारण महिमा बताई गई है.” उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों पर जाने से मन को शांति मिलती है तथा नयी ऊर्जा एवं सकारात्मकता का संचार होता है.
मुख्यमंत्री ने कहा,” हमारे देश पर आक्रमणकारियों ने कई बार आक्रमण किया, जिन्होंने हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नष्ट किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारे सांस्कृतिक केंद्रों को संरक्षित और विकसित किया है. वे हमारी संस्कृति के संरक्षक हैं. उनके कर कमलों से अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का सदियों पुराना भारत का सपना पूरा हुआ है. साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण जैसे अभूतपूर्व कार्यों से हमारी सांस्कृतिक विरासत मजबूत हुई है.”
आधिकारिक बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आस्था के प्रतीक तीर्थ स्थलों के विकास और वरिष्ठ जनों को तीर्थ यात्रा करवाने जैसे काम कर रही है. इस वर्ष के प्रारंभ में लगभग तीन हजार तीर्थयात्रियों को श्री रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या की यात्रा करवाई जा चुकी है.
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत इस साल 36 हजार तीर्थ यात्रियों में से 15 हजार तीर्थयात्रियों को अयोध्या, 15 हजार तीर्थयात्रियों को अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी, जिनमें रेल द्वारा रामेश्वरम-मदुरई, जगन्नाथ पुरी, तिरुपति, द्वारकापुरी-सोमनाथ, वैष्णो देवी-अमृतसर, प्रयागराज-वाराणसी, मथुरा-वृंदावन -बरसाना, सम्मेद शिखर-पावापुरी-बैद्यनाथ, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयंबकेश्वर (नासिक), गंगासागर (कोलकाता), कामाख्या (गुवाहटी), हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या, मथुरा-अयोध्या, बिहारशरीफ, वेलंकनी चर्च (तमिलनाडु) की यात्रा शामिल है.
साथ ही, छह हजार तीर्थ यात्रियों को काठमांडू (नेपाल) स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की हवाईजहाज से तीर्थयात्रा भी करवायी जाएगी.
उन्होंने कहा कि इन तीर्थयात्रियों के आवागमन, परिवहन, भोजन, आवास व्यवस्था इत्यादि समस्त व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा की जाएगी, जिस पर लगभग 80 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है. अधिकारियों के अनुसार जयपुर से मदुरई एवं रामेश्वरम हेतु सात दिवसीय यात्रा के लिए रवाना हुई विशेष ट्रेन में जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर एवं कोटा जिले के लगभग 780 वरिष्ठजन यात्रा कर रहे हैं.



