
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय की पहली सात पीठ ने मुकदमों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए सोमवार को अपराह्न दो बजे विशेष लोक अदालत का आयोजन किया, जिसमें अदालत कक्ष के भीतर मीडिया के कैमरों को अनुमति दी गयी. उच्चतम न्यायालय की स्थापना के 75 वर्ष का जश्न मनाते हुए सप्ताह भर आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत उन मामलों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के उद्देश्य से शुरू की गयी है, जिनमें समझौते की गुंजाइश है.
इससे पहले, भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय की पहली सात पीठ अपराह्न दो बजे विशेष लोक अदालत में सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए सूचीबद्ध मामलों पर सुनवाई करेंगी. शीर्ष अदालत लंबित मुकदमों में कमी लाने के प्रयास के तौर पर तीन अगस्त तक विशेष लोक अदालत लगा रही है.
सीजेआई ने सोमवार को मुकदमों की सुनवाई शुरू होने पर कहा, ”आज से शुक्रवार तक, हम उच्चतम न्यायालय की लोक अदालत लगाएंगे और पहली सात पीठ मुकदमों पर सुनवाई करेंगी. अगर वकीलों के पास ऐसे मामले हैं, जिनपर लोक अदालत में सुनवाई की जा सकती है, तो कृपया उन्हें लाइए.” सीजेआई ने पहले नागरिकों से आग्रह किया था कि अगर उनके मामले शीर्ष अदालत में लंबित हैं, तो वे अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण और तेजी से निपटारा करने के लिए विशेष लोक अदालत में भाग लें.
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड एक वीडियो संदेश में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ”उच्चतम न्यायालय 29 जुलाई से तीन अगस्त 2024 तक विशेष लोक अदालत का आयोजन कर रहा है. यह उन गतिविधियों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे उच्चतम न्यायालय अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित कर रहा है.”
उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि न्यायालय के प्रति सर्मिपत न्यायाधीश बड़े पैमाने पर मामले लंबित होने को लेकर चिंतित हैं. सीजेआई ने कहा, ”अपने सभी सहयोगियों और उच्चतम न्यायालय के कर्मचारियों की ओर से, मैं उन सभी नागरिकों या वकीलों से अपील करूंगा, जिनके मुकदमे उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं कि वे अपने मुकदमों का तेजी से निपटारा करने की कवायद के तहत इस अवसर का फायदा उठाएं.”



