‘बुलडोजर न्याय’ पर उच्चतम न्यायालय का निर्देश ‘नफरती मुख्यमंत्रियों’ के मुंह पर तमाचा: कांग्रेस

नयी दिल्ली/लखनऊ. कांग्रेस ने आपराधिक मामलों में आरोपियों की संपत्ति को ध्वस्त नहीं करने संबंधी उच्चतम न्यायालय के निर्देश का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि यह उन ‘नफरती मुख्यमंत्रियों’ के मुंह पर करारा तमाचा है तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य सरकारों की ‘अन्यायपूर्ण बुलडोजर नीति’ को आईना दिखाता है. पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने यह भी कहा कि यह देश संविधान से चलता है और संविधान से ही चलेगा.

उच्चतम न्यायालय ने समूचे देश में प्राधिकारियों को उसकी इजाजत के बिना आपराधिक मामलों में आरोपियों की संपत्ति को ध्वस्त नहीं करने का निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा कि अगर अवैध रूप से ध्वस्तीकरण का एक भी मामला है, तो यह देश के संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है. न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों आदि पर बने अनधिकृत ढांचों पर लागू नहीं होगा.

प्रियंका गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”भाजपा सरकारों की अन्यायपूर्ण और अमानवीय ‘बुलडोजर नीति’ को आईना दिखाने वाला माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है. ऐसी बर्बर कार्रवाइयों के जरिये “देश के कानून पर बुलडोजर चलाकर” इंसानियत और इंसाफ को रौंदने वाली नीति एवं नीयत पूरे देश के सामने बेपर्दा हो चुकी है.” उन्होंने कहा, ”वे समझते हैं कि ‘त्वरित न्याय’ की आड़ में जुल्म और नाइंसाफी के बुलडोजर से संविधान को कुचलकर भीड़ और भय का राज स्थापित किया जा सकता है. लेकिन यह देश संविधान से चलता है और संविधान से ही चलेगा. अदालत ने साफ कर दिया है कि ‘बुलडोजर अन्याय’ स्वीकार्य नहीं है.” कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी कहा कि अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा शासित कुछ दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलडोज़र का सहारा लेकर नफ.रत फैलाना बंद करना चाहिए.

सुप्रिया ने एक वीडियो जारी कर कहा, ”उच्चतम न्यायालय का फैसला उन सब नफरती मुख्यमंत्रियों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो न्यायपालिका पर ताला लगाकर बुलडोजर न्याय को बढ़ावा देना चाहते थे. बुलडोजर का मतलब है कि आपका पुलिस प्रशासन फेल हो चुका है और आप न्यायापालिका पर ताला लगाना चाहते हैं.” उन्होंने कहा, ”बुलडोजर अब नफरत, हिंसा और राजनीतिक प्रतिशोध का प्रतीक बन चुका है. एक समुदाय के खिलाफ नफरत की आंधी को भड़काने के लिए बुलडोजर चलाया जाता है.” सुप्रिया ने कहा कि यह अच्छा फैसला है और उनकी पार्टी इसका स्वागत करती है. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ और भाजपा में उनके जैसे कुछ अन्य नेता बुलडोज़र का सहारा लेकर नफ.रत फैलाना अब बंद करेंगे. उनके मुताबिक, ”बुलडोजर का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है. इसका उपयोग अराजक तत्व और गुंडे-मवाली करते हैं. चुने हुए प्रतिनिधियों को बुलडोजर से दूर रहना चाहिए.” उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने साफ कर दिया है कि यह देश संविधान से चलेगा, बुलडोजर से नहीं.

सर्वोच्च आदेश ने बुलडोजर को अपना प्रतीक बनाने वालों के लिए पहचान का संकट खड़ा किया: अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संपत्तियों के ध्वस्तीकरण पर शीर्ष अदालत के अंतरिम फैसले के बाद मंगलवार को कहा कि “सर्वोच्च आदेश” ने “बुलडोजर को अपना प्रतीक” बनाने वालों के लिए “पहचान का संकट” खड़ा कर दिया है. यादव ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद “बुलडोज़र वाली सोच का ही ध्वस्तीकरण हो गया है ” और पूछा कि क्या सरकार अब बुलडोजर का भी नाम बदलेगी? उच्चतम न्यायालय ने समूचे देश में प्राधिकारियों को उसकी इजाजत के बिना आपराधिक मामलों में आरोपियों की संपत्ति समेत अन्य संपत्तियों को एक अक्टूबर तक ध्वस्त नहीं करने का मंगलवार को निर्देश दिया. इसके बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”न्याय के सर्वोच्च आदेश ने बुलडोज़र को ही नहीं बल्कि बुलडोजर का दुरुपयोग करने वालों की विध्वंसक राजनीति को भी किनारे लगा दिया है.” उन्होंने शीर्ष अदालत के अंतरिम फैसला को लेकर कहा कि आज बुलडोज़र के पहिये खुल गये हैं और स्टीयरिंग हत्थे से उखड़ गया है.

दरअसल, प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में शामिल आरोपियों के घरों को प्रशासन कथित रूप से बुलडोजर का प्रयोग कर ध्वस्त करता रहा है जिस वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “बुलडोजर बाबा” कहा जाने लगा. यादव ने उनका नाम लिए बिना कहा “ये (शीर्ष अदालत का फैसला) उनके लिए पहचान का संकट है जिन्होंने बुलडोजर को अपना प्रतीक बना लिया था.” सपा प्रमुख ने कहा “अब न बुलडोजर चल पायेगा, न उसको चलवाने वाले. दोनों के लिए ही पार्किंग का समय आ गया है.” सपा प्रमुख ने कहा कि आज बुलडोज़र वाली सोच का ही ध्वस्तीकरण हो गया है. उन्होंने पूछा, “अब क्या वो बुलडोजर का भी नाम बदलकर उसका दुरुपयोग करेंगे? दरअसल ये जनता का सवाल नहीं, एक बड़ी आशंका है.”

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