ED और PMALA के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा चक्र की जरूरत: कांग्रेस

नयी दिल्ली/जयपुर. कांग्रेस ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले अधिकारों को लेकर आए उच्चतम न्यायालय के फैसले की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को कहा कि इस एजेंसी और कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा चक्र होना आवश्यक है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु ंिसघवी ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद भी कांग्रेस जांच एजेंसियों एवं कानूनों के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल तीन सदस्यीय खंडपीठ ने एक निर्णय दिया जो इस मायने में महत्वपूर्ण है कि यह पीएमएलए से जुड़ा है. इस कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी गई थी जिन्हें उच्चतम न्यायालय ने सही ठहराया. इनमें से ज्यादातर प्रावधान 2018 में लाए गए थे.’’ ंिसघवी का कहना था, ‘‘उच्चतम न्यायालय के प्रति हमारा पूरा आदर है. लेकिन मुख्य विपक्षी दल होने नाते हम वो इतिहास सामने रखना चाहते हैं जो ईडी की द्वेषपूर्ण कार्रवाई से संबंधित है. इस सरकार में यह एजेंसी पूरी तरह बदल गई और अपनी कानूनी हैसियत को भूल गई.’’

उनके अनुसार, ‘‘वर्ष 2004 से 14 के बीच ईडी ने 112 छापेमारी की. 2014-22 के दौरान छापेमारी की यह संख्या बढ़कर 3 हजार हो गई. इससे स्पष्ट है कि विरोधी नेताओं के खिलाफ इस एजेंसी और पीएमएलए कानून का हथियार के तौर पर दुरुपयोग करना इस सरकार की आदत बन गई.’’ ंिसघवी ने दावा किया, ‘‘ईडी की 99 प्रतिशत कार्रवाई विरोधी दलों के नेताओं के खिलाफ हुई है. जिन विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई, अगर उन्होंने पाला बदल लिया तो उनके खिलाफ दर्ज मामले ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए हम यह विषय उठाते रहे हैं कि इन सबके विषय में कुछ सुरक्षा चक्र चाहिए ताकि एजेंसी और कानून का दुरुपयोग नहीं हो सके. हम यह मानते हैं कि यह सुरक्षा चक्र सिर्फ उच्चतम न्यायालय बना सकता है.’’ गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले अधिकारों का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि धारा-19 के तहत गिरफ्तारी का अधिकार, मनमानी नहीं है.

न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी. टी. रवि कुमार की पीठ ने पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि धारा-5 के तहत धनशोधन में संलिप्त लोगों की संपति कुर्क करना संवैधानिक रूप से वैध है.

जीएसटी, महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा करने से बचना चाहती है केन्द्र सरकार : पायलट

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार संसद में जीएसटी, महंगाई, चीन का सीमा पर अतिक्रमण, बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा करने से बचना चाहती है और जल्दबाजी में विपक्ष के लोगों को सदन से हटाकर विधेयक पारित करवाना चाहती है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित व्यवहार की ंिनदा भी की .

पायलट ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ अगर पूरा बहुमत आपके (केन्द्र सरकार के पास) है तो आपको चर्चा में भाग लेना चाहिए.. . लेकिन भाजपा का ध्यान सिर्फ चुनावी गणित साधने, प्रतीकात्मकता करने और महंगाई एवं बेरोजगारी पर चर्चा रोकने पर ध्यान केन्द्रित है . शासन पर उसका ध्यान नहीं है.’’ पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘केन्द्र में पिछले सात-आठ सालों से भाजपा की सरकार है लेकिन राजस्थान को जो हमारा हिस्सा है.. जो अनुपात बनता है.. वो धनराशि नहीं मिल पाती है, इतने सारे मंत्री बने हुए हैं लेकिन जो पर्याप्त समर्थन इतने बडे प्रदेश को मिलना चाहिए वो मिलता नहीं है. भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए .’’

उन्होंने कहा कि ‘‘आज जो महंगाई है उस पर संसद में चर्चा सरकार करना नहीं चाह रही है..20-20 सांसदों को निलंबित किया जा रहा है.. सांसद संसद में गांधी की मूर्ति के नीचे धरने पर बैठे हैं . लेकिन जीएसटी, महंगाई और चीन के अतिक्रमण,..बेरोजगारी.. इन सब मुद्दों पर सरकार चर्चा करने से बचना चाहती है.’’

भरतपुर में साधु के आत्मदाह पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए पायलट ने कहा ‘‘ कानून में जो भी शिकायत होगी उसकी जांच सरकार पूरी करेगी लेकिन मैं समझता हूं कि जो हादसा हुआ है वह बड़ा दुखदायी था . पायलट ने ट्वीट किया, ‘‘सोनिया गांधी जी ने देश की सेवा,एकता, प्रगति एवं खुशहाली को अपना सर्वप्रथम कर्तव्य माना है. हर परिस्थिति मे उनका विनम्र स्वभाव व सभी के प्रति सम्मान सर्वविदित है.’’ उन्होंने कहा,‘‘आज सदन मे भाजपा नेता ने उनके साथ जो अमर्यादित व्यवहार किया वो ंिनदनीय है.’’

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