सैन फ्रांसिस्को. अमेरिका में सिख परिवार के चार सदस्यों का अपहरण कर उनकी हत्या करने के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति पहले उस परिवार के लिए ही काम करता था. इस परिवार के साथ उसका पुराना विवाद था जिसकी परिणति इस हत्याकांड के रूप में सामने आई है. अधिकारियों और एक रिश्तेदार ने यह जानकारी दी.
मर्सेड काउंटी के शेरिफ वर्न वार्नके ने कहा कि आठ माह की बच्ची आरुही धेरी, उसकी मां जसलीन कौर (27), पिता जसदीप सिंह (36) और जसदीप के भाई अमनदीप सिंह (39) के शव इंडियाना रोड एंड हचिनसन रोड के पास एक बगीचे से बुधवार शाम बरामद हुए थे. इन चारों का बंदूक का डर दिखाकर अपहरण किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि सिख परिवार के सदस्यों को मध्य कैलिफोर्निया के मर्सेड शहर में उनके कारोबारी प्रतिष्ठान से अपहरण किया गया था और इसकी जानकारी वीडियो फुटेज से प्राप्त हुई.
मर्सेड काउंटी शेरिफ के प्रवक्ता एलेक्संड्रास ब्रिट्टन ने बताया कि मामले में 48 वर्षीय जीसस मैनुअल सालगाडो को औपचारिक रूप से बृहस्पतिवार देर रात अपहरण के चार मामलों में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि सालगाडो ने मंगलवार को हिरासत में लेने से पहले आत्महत्या करने की कोशिश की थी.
‘एनबीसी बे एरिया’ ने परिवार के एक रिश्तेदार के हवाले से कहा, ‘‘ अपहरण व हत्या के मामले का संदिग्ध जीसस मैनुअल सालगाडो परिवार की कंपनी में पहले चालक के रूप में काम करता था. दोनों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद हो गया और दोनों अलग हो गए थे .’’ खबर के अनुसार, बच्ची आरुही धेरी को उसने मरने के लिए छोड़ दिया था और उसकी मौत कठिन मौसम परिस्थितियों के कारण हुई.
मर्सेड काउंटी के शेरिफ वर्न वार्नके ने कहा कि उनका मानना है कि घटना में एक और व्यक्ति शामिल था. लेकिन जांचकर्ता इस संबंध में अभी भी सबूत एकत्रित कर रहे हैं. ‘एनबीसी बे एरिया’ ने वार्नके के हवाले से कहा कि उनके जांचकर्ता मामले की विस्तृत जांच करेंगे. अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि होने पर वे उसका पता लगाएंगे और दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि होने पर पूरी ताकत से उसके पीछे लग जायेंगे .
‘केटीवीयू’ ने वार्नके के हवाले से कहा कि संदिग्ध और सिख परिवार के बीच एक पुराना विवाद था. वार्नके के अनुसार, रिश्तेदारों ने जांचकर्ताओं को बताया कि सालगाडो ने परिवार के साथ काम करने के बाद करीब एक साल पहले कुछ आपत्तिजनक संदेश व ईमेल भी भेजे थे. परिवार के सदस्यों ने बताया कि पीड़ित की कंपनी से कुछ भी चोरी नहीं गया है. वार्नके ने बताया कि अपहरण के बाद एक पीड़ित के एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किया गया है.
मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के हरसी ंिपड के रहने वाले इस परिवार का सोमवार को अपहरण कर लिया गया था.
खबरों के अनुसार, जसदीप के भाई अमनदीप सिंह के परिवार में पत्नी और दो किशोर बच्चे हैं. मर्सेड शहर ने परिवार की याद में छह से नौ अक्टूबर तक शाम सात बजे मोमबत्ती के साथ प्रार्थना सभा का आयोजन किया है और इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को पहली प्रार्थना सभा आयोजित की गई.
वार्नके ने कहा कि उन्हें लगता है कि सोमवार सुबह अपहरण करने के एक घंटे के भीतर ही परिवार की हत्या कर दी गई थी. कैलिफोर्निया सुधार एवं पुनर्वास विभाग के अनुसार, संदिग्ध सालगाडो पहले भी डकैती के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है. उसे 11 साल की सजा हुई थी और वह 2015 में रिहा हुआ था.