स्विगी ने 380 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, CEO ने ‘गलत फैसले’ को बताया जिम्मेदार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 20 Jan 2023 06:34 PM
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नयी दिल्ली. ऑनलाइन खाना मंगाने की सुविधा देने वाला मंच स्विगी ने चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए शुक्रवार को ‘पुनर्गठन’ योजना के तहत 380 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. स्विगी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रीहर्ष मजेटी ने कहा कि ”यह जरूरत से ज्यादा लोगों को नियुक्त करने के गलत फैसले का परिणाम है. हमें बेहतर करना चाहिए था.” कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ ने एक आंतरिक मेल भेजकर प्रभावित कर्मचारियों से मांफी भी मांगी और कहा कि सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद यह बहुत मुश्किल फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि कंपनी की वृद्धि दर कंपनी के लक्ष्यों के विपरीत धीमी है.

मजेटी ने कहा, ”इसका मतलब है कि हमें अपने लाभ वाले लक्ष्य पाने के लिए सभी परोक्ष लागत की फिर से समीक्षा करनी होगी. हमने अवसंरचना, कार्यालय आदि जैसे परोक्ष व्यय में कमी लाने को लेकर पहले से ही कदम उठाना शुरू कर दिया है. हमें भविष्य के लक्ष्यों को देखते हुए र्किमयों की संख्या में भी बदलाव करने की जरूरत थी.” मजेटी ने अपने ईमेल में कहा, ”जरूरत से ज्यादा लोगों को नियुक्त करना गलत फैसले का मामला है और मुझे इस क्षेत्र में बेहतर करना चाहिए था.” इससे पहले, सुबह उन्होंने स्विगी के कर्मचारियों को संबोधित किया.

कर्मचारी सहयोग योजना के तौर पर स्विगी ने प्रभावित कर्मचारियों के कार्यकाल और श्रेणी के आधार पर तीन से छह महीने तक नकदी देने का प्रस्ताव है. इसमें प्रभावित र्किमयों को तीन महीने तक वेतन या नौकरी से निकाले जाने से पहले समय पर सूचना और नौकरी पूरा करने के हर साल के लिए 15 दिन की अनुग्रह राशि के साथ-साथ शेष बची ईएल (वैसी छुट्टियां जिसके पैसे मिलते हैं) का भुगतान किया जा सकता है.

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