ताइवान में 25 साल का सबसे तीव्र भूकंप: नौ लोगों की मौत, 70 खदान में फंसे

हुलिएन(ताइवान). ताइवान में बुधवार सुबह गत 25 साल के सबसे जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इमारतें तथा राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गए तथा नौ लोगों की मौत हो गई. भूकंप की वजह से 70 खनिक दो पत्थर खदानों में फंस गए हैं और लोगों को क्षतिग्रस्त हुई इमारतों की खिड़कियों से बाहर निकाला गया. हालांकि, पूर्व में जारी सुनामी की चेतावनी बाद में वापस ले ली गई. भूकंप का केंद्र ग्रामीण, पहाड़ी हुलिएन काउंटी के तटीय क्षेत्र में था, जहां कुछ इमारतें काफी झुक गईं, उनके भूतल ढह गए. इसकी वजह से सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

भूकंप के केंद्र से महज 150 किलोमीटर दूर राजधानी ताइपे में पुरानी इमारतों और कुछ नए कार्यालय परिसरों में टाइल्स गिर गईं. विद्यार्थियों को स्कूल से निकाल कर खेल के मैदान में ले जाया गया और उन्हें हेलमेट पहनाए गए. कुछ बच्चे ऊपर से गिरती चीजों से बचाव के लिए अपने सिर को किताबों से ढकते दिखे. टेलीविज चैनल पर प्रसारित तस्वीरों में झटकों के कारण दरवाजे बंद होने के कारण एक बच्चे सहित अन्य लोगों को पड़ोसियों और बचावर्किमयों द्वारा खिड़कियों के रास्ते सड़क पर लाते देखा जा सकता है. सभी सदमे में थे लेकिन उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी.

ताइवान में नियमित रूप से भूकंप के झटके आते हैं और उसके पास दुनिया की सबसे उन्नत भूकंप रोधी तैयारी है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अपेक्षाकृत हल्के भूकंप की उम्मीद थी और तदनुसार उन्होंने चेतावनी नहीं भेजी. उन्होंने बताया कि अंतत: भूकंप का झटका इतना जोरदार था कि ऐसे झटकों के आदी लोग भी भयभीत हो गए.

ताइपे स्थित पांच मंजिला इमारत में रहने वाले ह्सियेन ह्सुएन केंग ने कहा, ”मैं ऐसे झटकों के साथ बड़ा हुआ हूं लेकिन आज पहली बार मैं इस भूकंप के झटके से डर कर रोने लगा.” उन्होंने कहा, ”भूकंप के झटके के साथ मैं उठा. मैंने कभी इतने जोरदार झटके महसूस नहीं किए थे.” ताइवान की राष्ट्रीय दमकल एजेंसी ने कहा कि सुबह करीब आठ बजे आए भूकंप में नौ लोगों की मौत हो गई. स्थानीय अखबार ‘यूनाइटेड डेली न्यूज’ ने खबर दी है कि तारोको राष्ट्रीय उद्यान में चट्टान से पत्थर गिरने से तीन पैदल यात्रियों की मौत हो गई और इसी इलाके में एक बड़ा सा पत्थर एक वैन पर गिरने से उसके चालक की भी मौत हो गई.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 934 लोग घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि भूकंप के बाद संचार सेवा प्रभावित होने से एक मिनीबस में सवार होकर राष्ट्रीय उद्यान गए 50 लोगों से संपर्क टूट गया है. अधिकारियों के मुताबिक पत्थर की एक खदान में 64 लोग फंस गए हैं जबकि एक अन्य खदान में छह मजदूरों के फंसे होने की खबर है. अन्य छह लोग कोयले की खदान में फंस गए हैं और उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है. भूकंप और बाद के झटकों की वजह से भूस्खलन की 24 घटनाएं हुई हैं तथा 35 सड़कें, पुल और सुरंगे क्षतिग्रस्त हुई हैं.

ताइवान की भूकंप निगरानी एजेंसी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.2 थी जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई है. इसका केंद्र हुलिएन से दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में जमीन से करीब 35 किलोमीटर नीचे था. राष्ट्रीय संसद भवन और ताइपे के दक्षिण में स्थित मुख्य हवाई अड्डे का एक खंड मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है. यह संसद भवन द्वितीय विश्व युद्ध से पहले बनाए गए एक स्कूल में है.

पूर्वी तट के पास पहाड़ी क्षेत्र में सुरंगों और राजमार्गों पर भूस्खलन और गिरते मलबे के कारण यातायात लगभग ठप हो गया. पूरे द्वीप में ट्रेन सेवा को निलंबित कर दिया गया और ताइपे में ‘सबवे’ सेवा को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. द्वीपीय देश की आबादी 2.3 करोड़ है. भूकंप के तुरंत बाद द्वीप पर मची अफरा-तफरी जल्द ही सामान्य स्थिति में बदल गई क्योंकि ताइवान में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विद्यालयों और अन्य स्थानों पर लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है और मीडिया व मोबाइल के द्वारा नोटिस भेजा जाता है.
भूकंप विज्ञानी और मिसौरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्टीफन गाओ ने कहा कि ताइवान की तैयारी दुनिया में सबसे उन्नत है, जिसमें सख्त इमारत निर्माण मानक और एक विश्व स्तरीय भूकंप विज्ञान नेटवर्क शामिल है. दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई और ताइपे के उत्तरी उपनगरीय इलाके बेइतोउ में मेट्रो में भीड़ देखी और लोग काम पर जाते दिखे. चीनी मीडिया के मुताबिक भूकंप के झटके चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई और दक्षिण पूर्वी तट पर भी महसूस किए गए. चीन और ताइवान की दूरी करीब 160 किलोमीटर है.

वहीं, जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि भूकंप के झटके के 15 मिनट बाद योनगुनी द्वीप पर सुनामी की 30 सेंटीमीटर ऊंची लहर देखी गई है. इशिगाकी और मियाको द्वीपों पर भी छोटी लहरें उठीं. हालांकि, बुधवार की दोपहर इलाके में सभी तरह की चेतावनी वापस ले ली गई.

हुलिएन में इससे पहले 2018 में भूकंप के झटके आये थे जिनमें 17 लोगों की मौत हुई थी और ऐतिहासिक होटल ध्वस्त हो गया था. ताइवान में हाल के वर्षों में 21 सितंबर 1999 को सबसे भीषण भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 7.7 थी. इसमें 2400 लोगों की मौत हो गई थी, करीब एक लाख लोग जख्मी हो गए थे और हजारों इमारतें नष्ट हो गई थीं.

भूकंप से आर्थिक नुकसान का आकलन अबतक नहीं की किया गया है, लेकिन ताइवान दुनिया के सबसे परिष्कृत कंप्यूटर चिप्स और अन्य उच्च-प्रौद्योगिकी वस्तुओं का अग्रणी निर्माता है जो भूकंपीय घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं. बिजली ग्रिड के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया गया, जिससे संभवत? आपूर्ति शृंखला में बाधा उत्पन्न हुई और वित्तीय नुकसान हुआ. ताइवान की चिप निर्माता टीएसएमसी एप्पल जैसी कंपनियों को सेमीकंडक्टर की आपूर्ति करती है. कपंनी ने बताया कि उसने ताइपे के दक्षिण-पश्चिम में ह्सिंचू में अपने कुछ कारखानों से कर्मचारियों को हटा दिया था. कारखाना के अधिकारियों ने बताया कि शहर के साइंस पार्क स्थित सभी कारखानों में बिजली और पानी की आपूर्ति सामान्य है. ताइवान स्टॉक एक्सचेंज भी बुधवार को सामान्य रूप से खुला.

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