केरल उच्च न्यायालय ने शबरिमला घी की बिक्री से जुड़े मामले की दोबारा जांच का आदेश दिया

कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने शबरिमला में भगवान अयप्पा मंदिर के श्रद्धालुओं को बेचे जाने वाले प्रसाद ‘अदिया शिष्टम घी’ की बिक्री से जुड़े टीडीबी कर्मचारियों के खिलाफ धन के गबन मामले की स्वतंत्र रूप से दोबारा जांच करने का आदेश दिया है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला बनता है।

इस मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए न्यायामूर्ति राजा विजयराघवन वी और केवी जयकुमार की पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर एजेंसी के निष्कर्ष त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को हुए नुकसान को तवज्जो नहीं देते हैं और मामले को बंद करने की कोशिश करते हैं।

पीठ ने कहा कि उसकी राय में, यह एक ऐसा मामला है जिस पर ”बेदाग ईमानदारी, साबित काबिलियत और पर्याप्त अनुभव” वाले किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा फिर से विचार किए जाने की ज़रूरत है। अदालत ने कहा, ”इसलिए, हमारी राय है कि जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री का ऐसे अधिकारी द्वारा स्वतंत्र रूप से फिर से मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामने आए तथ्यों से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध का मामला बनता है या नहीं।” उच्च न्यायालय ने ब्यूरो को निर्देश दिया कि वह पूरे मामले को, जांच के दौरान एकत्र किए गए सभी रिकॉर्ड और सामग्री के साथ, तुरंत ही किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दे।

अदालत ने कहा कि जांच का मकसद यह पता लगाना है कि टीडीबी को कितना नुकसान हुआ, नुकसान किस तरह हुआ, किन कारणों से ऐसा हुआ और इसके लिए कौन लोग ज़म्मिेदार थे। उच्च न्यायालय ने उन कारणों और हालात का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया जिनकी वजह से 17 नवंबर 2025 से 27 दिसंबर 2025 के दौरान सन्निधानम में घी की बिक्री से जुड़े कथित गबन के कारण टीडीबी को 17 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button