
नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि 10वीं और 11वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को दिन-प्रतिदिन की समस्याओं को सुलझाने के लिए तकनीक का प्रयोग सिखाया जा रहा है, जो एक ‘अच्छी चीज’ है. केजरीवाल ने कहा कि इससे पहले आज तक ऐसा नहीं हुआ था. केजरीवाल दिल्ली रोबोटिक्स लीग के फाइनल के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले की शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को दिन-प्रतिदिन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रशिक्षित नहीं कर पाती थी.
केजरीवाल ने कहा, ”मैंने आईआईटी-खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. मैं छुट्टियों में अपने गांव जाता था. एक बार, मेरे दादाजी ने मुझसे एक पंखा ठीक करने के लिए कहा. मैंने उनसे कहा कि मैं यह ठीक नहीं कर सकता.” मुख्यमंत्री के अनुसार उनके दादाजी ने कहा कि वह आईआईटी में पढ़ाई करते हैं लेकिन एक पंखा भी नहीं ठीक कर सकते.
केजरीवाल ने कहा, ”उन दिनों, मुझे लगता था कि हमारा शिक्षा तंत्र हमारी दिन-प्रतिदिन की समस्याओं से बिल्कुल अलग-थलग है. हमें ऐसी चीजें सिखाई जा रही हैं जिनसे हमारी रोजमर्रा की समस्याएं हल नहीं होतीं.” उन्होंने कहा कि लेकिन मैं खुश हूं कि आज 10वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को तकनीक का प्रयोग कर दिन-प्रतिदिन की समस्याओं को हल करना सिखाया जा रहा है.
केजरीवाल ने फाइनल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं.



