गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ जाने वाली भीड़ की सुगम आवाजाही के लिए तकनीक-आधारित यातायात योजना

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 20 Jan 2026 03:12 PM
गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ जाने वाली भीड़ की सुगम आवाजाही के लिए तकनीक-आधारित यातायात योजना
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नयी दिल्ली: कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार सूचनात्मक वीडियो से लेकर ‘कार-कॉंिलग’ प्रणाली तक दिल्ली यातायात पुलिस ने गणतंत्र दिवस परेड और बींिटग रिट्रीट समारोह के लिए कर्तव्य पथ आने वाले लोगों की सुगम आवाजाही और बाधा-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई तकनीक आधारित उपाय लागू किए हैं।

‘कार-कॉंिलग’ एक ऐसी व्यवस्था है, जिसका इस्तेमाल बड़े आयोजनों या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाहनों को सुव्यवस्थित तरीके से बुलाने के लिए किया जाता है। यातायात पुलिस ने पहली बार एआई की मदद से विस्तृत एनिमेटेड वीडियो तैयार किए हैं, जिनमें आमंत्रित अतिथियों के आगमन, उतरने, प्रस्थान और पार्किंग की पूरी योजना को दर्शाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इन वीडियो का उद्देश्य आगंतुकों को पहले से ही आवाजाही और पार्किंग व्यवस्थाओं से परिचित कराना है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और आमंत्रित अतिथियों को जारी किए गए क्यूआर-कोड आधारित पार्किंग प्रणाली के जरिए भी देखे जा सकते हैं। इनमें आयोजन के दिन आगमन, गाड़ी से उतरने और पार्किंग की व्यवस्था को विस्तार से समझाया गया है।

पुलिस ने बताया कि पार्किंग प्रबंधन प्रणाली में 22 पार्किंग स्थल शामिल हैं, जिनमें लगभग 8,000 वाहनों को खड़ा किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, हर वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के लिए करीब 77,000 पास जारी किए जाते हैं, जिनमें से लगभग 8,000 पास निजी वाहनों से आने वालों के लिए निर्धारित होते हैं।

इस वर्ष एक और नई पहल के तहत गणतंत्र दिवस ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा र्किमयों के लिए शटल सेवा शुरू की गई है। ये शटल सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से संचालित होंगी और हर 10 मिनट के अंतराल पर र्किमयों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएंगी।

आमंत्रित अतिथि और टिकट धारक गणतंत्र दिवस के दिन अपने निर्धारित पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप या मैपप्ल्स का उपयोग कर सकते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये मंच कर्तव्य पथ तक पहुंचने के लिए उपयुक्त मार्ग और आवंटित पार्किंग स्थान की सटीक जानकारी प्रदान करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल सुविधाओं के अलावा यातायात पुलिस ने ज़मीनी स्तर पर सहायता भी बढ़ाई है। इस वर्ष प्रमुख स्थानों पर 12 सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि पहले यह संख्या केवल दो थी। इन सहायता केंद्रों पर तैनात कर्मचारी पार्किंग, पैदल यात्री मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में मार्गदर्शन देंगे।

कार्यक्रम के समापन के बाद भीड़भाड़ से बचने और आमंत्रित अतिथियों की सुचारु निकासी के लिए इस वर्ष ‘कार-कॉंिलग’ प्रणाली भी शुरू की गयी है। इसके तहत आमंत्रित व्यक्ति निकास द्वार पर तैनात अधिकारी को सूचना दे सकते हैं, जिसके बाद वाहन नंबर या चालक के नाम की घोषणा की जाएगी। यह सूचना पार्किंग स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से दी जाएगी।

पुलिस उपायुक्त (यातायात) राजीव कुमार ने कहा कि इस वर्ष वाहनों और पैदल यात्रियों की सुचारु आवाजाही और राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने वालों के अनुभव को सहज बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए 26 जनवरी को एक नियंत्रण कक्ष भी संचालित रहेगा, जहां पुलिस, यातायात पुलिस, अग्निशमन सेवा और अन्य आपात एजेंसियों के अधिकारी तैनात रहेंगे।

यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक परामर्शों का पालन करें, जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और कर्तव्य पथ तक सुगम यात्रा के लिए ‘डिजिटल नेविगेशन टूल्स’ पर भरोसा करें।

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