छत्तीसग­ढ़ में स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी क्षेत्र को ब­ढ़ावा देने के लिए होगा टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन

रायपुर. छत्तीसग­ढ़ के स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए राज्य का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग चार नवंबर को ‘छत्तीसग­ढ़ टेकस्टार्ट 2025’ का आयोजन करेगा. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसग­ढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक मंच पर जुटेंगे. आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसग­ढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है.

उन्होंने बताया कि यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर ब­ढ़ाएगा तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रर्दिशत करेगा. उन्होंने बताया कि आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे. कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी.

अधिकारियों ने बताया कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत स्टार्टअप और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए ‘सीड फंडिंग’, संचालन सहायता और ‘इनक्यूबेशन सपोर्ट’ जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि टेकस्टार्ट 2025 के अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे जिससे छत्तीसग­ढ़ के स्टार्टअप को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलेगी. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसग­ढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ”चार नवंबर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसग­ढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा. यह आयोजन न केवल छत्तीसग­ढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल रूपांतरण मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा.” मुख्यमंत्री ने कहा है, ”यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत बनाने में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं.”

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