तेजस्वी सूर्या ने इंडिगो घटना के लिए माफी मांग ली है : सिंधिया

नयी दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि पिछले महीने इंडिगो के एक विमान का आपात दरवाजा गलती से खोले जाने संबंधी घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद तेजस्वी सूर्या ने माफी मांग ली है. उन्होंने कहा कि सूर्या ने खुद ही इस घटना की जानकारी दी थी.

पिछले साल 10 दिसंबर को चेन्नई हवाई अड्डे पर हुई इस घटना को लेकर बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद सूर्या को कांग्रेस की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. विमानन कंपनी इंडिगो ने मंगलवार को कहा था कि एक यात्री ने पिछले महीने चेन्नई में विमान पर सवार होने के बाद उसका आपात दरवाजा गलती से खोल दिया था. उस समय विमान हवाई अड्डे पर था और तिरुचिरापल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले अनिवार्य इंजीनियरिंग जांच की प्रक्रिया अपनाई गई थी.

सिंधिया ने यहां एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘जब घटना हुई, तब तेजस्वी सूर्या ने स्वयं उस घटना की सूचना दी थी, जिसके आधार पर पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया गया था क्योंकि डीजीसीए ने खुद इस घटना की जांच की है. पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया गया और बाकी सभी जांच की गई और उसके बाद ही विमान ने उड़ान भरी. मुझे लगता है कि उन्होंने खुद माफी मांगी है….’’

उन्होंने कहा, ‘‘तेजस्वी सूर्या ने स्वयं चालक दल और पायलट को सूचना दी, जिसके बाद सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया और उसके बाद ही विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी गई.’’ इंडिगो ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा था कि एक यात्री 10 दिसंबर 2022 को फ्लाइट संख्या 6ई-7339 में चेन्नई से तिरुचिरापल्ली की यात्रा कर रहा था और विमान में सवार होने के दौरान उसने गलती से आपात दरवाजा खोल दिया था.

कंपनी ने बयान में कहा था, ‘‘यात्री ने तत्काल अपने कृत्य के लिए माफी मांगी. मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत घटना को दर्ज किया गया और विमान की अनिवार्य इंजीनियरिंग जांच की गई जिसकी वजह से उड़ान में देरी हुई.’’ उड्डयन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया था कि प्रक्रिया के तहत इस घटना की जानकारी दी गई और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया.

डीजीसीए के अधिकारी ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि यात्री ने विमान में सवार होने के बाद गलती से दाहिने ओर का आपात दरवाजा खोला. अधिकारी ने बताया था, ‘‘चालक दल के सदस्यों ने मामले पर संज्ञान लिया और जिसके परिणामस्वरूप उड़ान भरने से पहले सभी अनिवार्य प्रक्रिया का अनुपालन किया गया जैसे दरवाजों को दोबारा बंद करना, दबाव जांच आदि. सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं हुआ.’’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button