
हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को यहां तेलुगु सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेताओं और निर्देशकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और फिल्म बिरादरी समेत सभी पर यह बात लागू होती है. मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध निर्माता और तेलंगाना फिल्म विकास निगम (एफडीसी) के अध्यक्ष वेंकट रमण रेड्डी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से कहा कि फिल्म उद्योग की समस्याओं के समाधान के लिए एक मंत्रिमंडल उप-समिति गठित की जाएगी. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को एक आंतरिक समिति गठित करने का सुझाव भी दिया.
मुख्यमंत्री और फिल्मी हस्तियों के बीच यहां पुलिस एकीकृत कमान नियंत्रण केंद्र में बैठक हुई. यह बैठक अभिनेता अल्लू अर्जुन की हाल में गिरफ्तारी के मद्देनजर हुई है. अर्जुन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नीत राज्य सरकार और सिनेमा उद्योग के बीच संबंधों में तनाव की अटकलें लगाई जा रही थीं. यहां संध्या थिएटर में चार दिसंबर को अर्जुन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान मची भगदड़ में 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी, जिसके बाद 13 दिसंबर को अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर रिहा कर दिया गया.
प्रतिनिधिमंडल में अभिनेता नागार्जुन, वेंकटेश व मुरली मोहन, निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास, के. राघवेंद्र राव, निर्माता दग्गुबती सुरेश, अल्लू अरविंद (अल्लू अर्जुन के पिता) और सी. कल्याण शामिल थे. आधिकारिक सूत्रों ने मुख्यमंत्री के हवाले से कहा, “मुख्यमंत्री के तौर पर कानून लागू करना मेरी जिम्मेदारी है. मेरी कोई व्यक्तिगत प्राथमिकता नहीं है.” सूत्रों के अनुसार रेड्डी ने सभी से फिल्म उद्योग को केवल तेलुगु तक सीमित न रखते हुए मिलकर आगे बढ़ाने का आग्रह किया.
प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों के अनुसार, बैठक के दौरान अल्लू अर्जुन मामले पर चर्चा नहीं हुई. हालांकि, बातचीत के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार फिल्म उद्योग को हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा कि सिनेमा उद्योग सरकार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और फार्मा क्षेत्र जितना ही महत्वपूर्ण है.
रेड्डी ने कहा कि फिल्म उद्योग की समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रिमंडल उप-समिति गठित की जाएगी और सरकार अन्य फिल्म उद्योगों को शहर में आने के लिए प्रोत्साहित करने के सिलसिले में एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने पर भी विचार कर रही है.
सूत्रों ने मुख्यमंत्री के हवाले से बताया, “हम (तेलुगु फिल्म) उद्योग को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं.” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फिल्म उद्योग को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को याद रखना चाहिए और मादक पदार्थ तथा अन्य सामाजिक समस्याओं पर अंकुश लगाने के प्रयासों में शामिल होना चाहिए.
दिल राजू के नाम से मशहूर वेंकट रमना रेड्डी ने कहा कि तेलुगु फिल्मों के अलावा हिंदी, तमिल और कन्नड़ समेत अन्य भाषाओं की फिल्मों की शूटिंग भी शहर में हो रही है. विशेष अवसरों पर टिकट की कीमत बढ़ाने की अनुमति देने के बारे में सरकार के रुख के बारे में पूछे जाने पर दिल राजू ने पत्रकारों से कहा कि ये मुद्दे का केवल एक “छोटा सा हिस्सा” है और बड़ा दृष्टिकोण यह है कि तेलुगु सिनेमा को अंतराष्ट्रीय स्तर पर कैसे ले जाया जाए और हैदराबाद शहर को “अंतराष्ट्रीय केंद्र” कैसे बनाया जाए.
उन्होंने कहा, “समय आने पर इन सब बातों के बारे में जानकारी दी जाएगी.” प्रतिनिधिमंडल में शामिल निर्माता दग्गुबती सुरेश ने संपर्क किए जाने पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि फिल्म रिलीज के शुरुआती दिनों में लाभकारी शो और टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी की अनुमति सभी फिल्म निर्माताओं के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि कुछ प्रोडक्शन हाउस के लिए आवश्यक है.
बैठक में शामिल हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बैठक में ह्लपुष्पा 2ह्व की स्क्रीनिंग के दौरान थियेटर में हुई घटना पर चर्चा नहीं हुई. बैठक के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक टी हरीश राव ने कहा कि राज्य की जनता और फिल्म उद्योग के लोग देख रहे हैं कि क्या हो रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के भतीजे हरीश राव ने कहा, “आपको स्नेह से दिल जीतना चाहिए, न कि डरा-धमकाकर. सभी को राज्य के लिए अच्छा सोचना चाहिए.” उन्होंने अस्पताल में संवाददाताओं से बात की, जहां भगदड़ में घायल हुए आठ वर्षीय बच्चे का इलाज हो रहा है.
इस बीच, अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद की फिल्म निर्माण कंपनी गीता आर्ट्स ने वैश्विक मंच पर तेलुगु फिल्म उद्योग को आगे बढ़ाने में “दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ समर्थन” के लिए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “फिल्म उद्योग के रूप में हम सरकार की प्रगतिशील पहलों का समर्थन करने, महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने और राज्य द्वारा शुरू किए गए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए एकजुट हैं.ह्व “पुष्पा” की निर्माता ‘मैत्री मूवी मेकर्स’ ने भी वैश्विक स्तर पर तेलुगु फिल्म उद्योग के विकास के लिए “दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ प्रोत्साहन” के लिहाज से मुख्यमंत्री और मंत्रियों का आभार व्यक्त किया.



