
जम्मू. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ”कुप्रबंधन” के कारण ”शांतिपूर्ण जम्मू में आतंकवाद फिर से पनपा” है. अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपनी गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार बनाने के बाद यह सुनिश्चित करेगी कि क्षेत्र को फिर से आतंकवाद से मुक्त बनाया जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश में ”डबल इंजन” वाली भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इसने लोगों की समस्याएं बढ़ाने, विनाश एवं तबाही मचाने तथा निराशा फैलाने के अलावा कुछ नहीं किया क्योंकि ”जम्मू-कश्मीर में कोई भी व्यक्ति किसी एक भी बात के लिए सरकार की प्रशंसा नहीं करना चाहता.” उन्होंने कहा, ”चाहे वह गृह मंत्री (अमित शाह) हों या रक्षा मंत्री (राजनाथ सिंह) हों, मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि मेरे कार्यकाल के दौरान जम्मू क्षेत्र को आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया था.”
अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ जिले के पद्दार-नागसेनी निर्वाचन क्षेत्र में नेकां नेता एवं गठबंधन उम्मीदवार पूजा ठाकुर के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ”पिछले पांच साल में चेनाब घाटी, पीर पंजाल, उधमपुर, रियासी, जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में आतंकवाद फिर से पनपा है. मुझे जम्मू क्षेत्र का एक भी ऐसा जिला बताइए, जहां हमारे वीर जवानों को निशाना न बनाया जा रहा हो…”
गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में बयान दिया था कि अगर जम्मू-कश्मीर में नेकां-कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनी तो आतंकवाद लौट आएगा. अब्दुल्ला ने शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ”हमें उनके कुकृत्यों और गलतियों का खामियाजा भुगतना होगा, जिनके कारण शांतिपूर्ण क्षेत्रों में आतंकवाद फिर से पनपा है.” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जम्मू के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि नेकां-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने पर क्षेत्र को आतंकवाद से मुक्त किया जाएगा.
अब्दुल्ला ने मतदाताओं से जिला विकास परिषद की अध्यक्ष ठाकुर के लिए मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने विधानसभा चुनावों के लिए 10 साल तक इंतजार किया और अब भाजपा को दरवाजा दिखाने का समय आ गया है जो केंद्र शासित प्रदेश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में है.
उन्होंने कहा, ”उन्होंने पहले पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) से हाथ मिलाया, जबकि दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होकर लोगों से वोट मांगे थे. पिछली सरकार के गिरने के बाद भी उन्होंने राजभवन के जरिए अपना शासन जारी रखा.” उन्होंने कहा, ”जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वे उन राज्यों में ‘डबल इंजन’ वाली सरकारों की बात कर रहे हैं लेकिन यहां हमने देखा है कि ‘डबल इंजन’ वाली सरकार कैसे काम करती है. उन्होंने लोगों की समस्याओं को केवल बढ़ाया है, विनाश एवं तबाही मचाई है और लोगों में निराशा फैलाई है. हम जहां भी जाते हैं, लोगों को उनसे केवल शिकायतें होती हैं और कोई भी एक बात के लिए भी भाजपा सरकार की प्रशंसा करने को तैयार नहीं है.”
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी धर्म के आधार पर वोट मांगने में विश्वास नहीं करती, क्योंकि ”जब बढ़ती बेरोजगारी, बिजली के बढ़ते बिल, महंगाई और स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी एवं बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों की कमी होती है तो समाज के हर धर्म के व्यक्ति को दिक्कत होती है.” अब्दुल्ला ने लोगों को आश्वासन दिया कि नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार लोगों को राहत प्रदान करने के अपने सभी वादों को पूरा करेगी.



