
नयी दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय ंिसह ने बृहस्पतिवार को कहा कि आतंकवाद को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और कोई भी आस्था ंिहसा का समर्थन नहीं करती। वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत द्वारा सभी सात आरोपियों को बरी किए जाने के बाद ंिसह ने यह टिप्पणी की।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि चरमपंथी वे लोग होते हैं जो नफरत फैलाने के लिए धर्म को विकृत करते हैं।
बरी किए गए सात आरोपियों में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ंिसह ठाकुर शामिल हैं।
भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द गढ़ने के लिए दिग्विजय ंिसह ज़म्मिेदार हैं।
ंिसह ने अदालत के फैसले के बाद संसद परिसर में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘न तो कोई ंिहदू आतंकवादी हो सकता है, न ही कोई मुसलमान, सिख या ईसाई। हर धर्म प्रेम, सद्भावना, सत्य और अंिहसा का प्रतीक है।’’
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी धर्म शांति की बात करते हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं के उन आरोपों को निराधार बताया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए ‘‘ंिहदू आतंकवाद’’ शब्द गढ़ा था। ंिसह ने कहा कि भाजपा का आरोप पूरी तरह से झूठा है।



