कृत्रिम मेधा के आने से नौकरियों की प्रकृति बदल जाएगी: अरुंधति भट्टाचार्य

कोलकाता. सेल्सफोर्स (दक्षिण एशिया) की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुंधति भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के आने से नौकरियों की प्रकृति बदल जाएगी और लोगों को खुद को नए कौशल से लैस करने की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि एआई, डेटा का इस्तेमाल करके बेहतर नतीजे प्राप्त करने में मदद करेगा.

भट्टाचार्य ने कहा, ” बदलाव के साथ समायोजन बैठाने की जरूरत है न कि उसका विरोध करने की. नौकरियों की प्रकृति बदल जाएगी और डेटा का उपयोग करके बेहतर व्यावसायिक लक्ष्य हासिल होंगे. मानवीय त्रुटियां कम हो जाएंगी.” एसबीआई की पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मनुष्य और एआई एक साथ अधिक दक्षता तथा उत्पादकता प्रदान कर सकते हैं.

सेल्सफोर्स ने 2005 में हैदराबाद में अपने पहले उत्कृष्टता केंद्र के साथ भारत में परिचालन शुरू किया. इसने आवास व वाणिज्यिक ऋण के लिए बंधन बैंक की कर्ज प्रणाली की दक्षता सुधारने के लिए उसके साथ सहयोग किया था. भट्टाचार्य ने कहा कि सेल्सफोर्स का अब देश में छह गंतव्यों तक विस्तार हो चुका है. उन्होंने कहा, ”हमारा सालाना राजस्व एक अरब डॉलर और कर्मचारियों की संख्या 13,000 है. हम भारत में सतत वृद्धि दर्ज कर रहे हैं.”

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