
नयी दिल्ली. कान फिल्म महोत्सव में ग्रां प्री पुरस्कार हासिल करने वाली पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ में अभिनय करने वालीं अभिनेत्री कानी कुसरुति का कहना है कि यह खिताब फिल्म के कलाकारों और निर्माण दल से ही नहीं बल्कि भारत की उन अनेक महिलाओं से जुड़ा है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर कभी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिला है.
पिछले शनिवार को कपाड़िया “ऑल वी इमेजिन…” के लिए कान फिल्म महोत्सव में दूसरा सर्वोच्च सम्मान ग्रां प्री जीतने वालीं पहली भारतीय फिल्म निर्माता बनी थीं. अमेरिकी निर्देशक सीन बेकर की “अनोरा” ने 77वें फिल्म महोत्सव में शीर्ष पुरस्कार पाल डी’ओर हासिल किया. जब “ऑल वी इमेजिन…” को ग्रां प्री विजेता घोषित किया गया, तो कपाड़िया तीनों मुख्य कलाकारों कुसरुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम को अपने साथ मंच पर ले गईं. उस समय कुसरुति की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. कुसरुति ने कहा कि वह बहुत खुश हैं और कपाड़िया वास्तव में इसकी हकदार हैं.
कुसरुति ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “मैं उस समय बेहद खुश थी. मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा हुआ है. मंच पर मुझे लगा कि यह पायल की जीत है, लेकिन उसी समय मुझे उन सभी महिलाओं की भी याद आ गई, जिन्हें कभी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिला, जिन्हें पहचान नहीं मिल पाई.”
अभिनेत्री ने कहा, “मुझे लगा कि यह भारत की उन सभी महिलाओं के लिए है जो इस मंच पर नहीं आ सकीं.” यह पूछे जाने पर कि क्या कान फिल्म महोत्सव में फिल्म को पुरस्कार मिलने के बाद उनके जीवन या करियर में कोई बदलाव आएगा, तो कुसरुति (38) ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मेरे करियर में कोई बदलाव आएगा और एक अभिनेता या अभिनेत्री के जीवन में इस तरह का बदलाव नहीं आना चाहिए.”



