
जयपुर. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि भीलवाड़ा जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई दरिंदगी किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता. पायलट ने कहा कि यह सरकार, प्रशासन और हम सभी की जिम्मेदारी है कि मामले में आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले.
कांग्रेस नेता ने भीलवाड़ा में संवाददाताओं से कहा, ”भीलवाड़ा जिले में जिस दंरिंदगी से एक नाबालिग बच्ची का बलात्कार हुआ और उसकी हत्या की गई वो किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता.” उन्होंने कहा, ”मैं समझता हूं आरोपियों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और हत्या कर दी.. उन्होंने मानवता की सीमाओं को लांघा है.” पायलट मंगलवार को भीलवाडा के कोटडी में मृत नाबालिग लड़की के परिजनों से मुलाकत करने पहुंचे थे.
उल्लेखनीय है कि दो अगस्त को भीलवाड़ा जिले के कोटडी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी, और बाद में उसे कोयले की भट्टी में जला दिया गया था. पुलिस के अनुसार मामले में अब तक एक महिला समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं एक विवाहित नाबालिग और एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है.
पायलट ने कहा, ”आरोपियों के खिलाफ बहुत जल्द चालान पेश होगा और मुझे प्रशासन ने इत्तला की है कि प्रतिदिन सुनवाई करके पॉक्सो की धाराओं तहत सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी.” उन्होंने कहा कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले इस बात की जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन और हम सब लोगों की है. हमें सचेत रहना पड़ेगा कि अगर समाज में इस प्रकार की मानसिकता पैदा हो रही है तो उसके विरूद्ध में हम लोगों को कार्यवाही करनी चाहिए.” उन्होंने कहा, ”इस घटना ने देश की प्रदेश की रूहं को झिंझोड कर रख दिया है. हमलोग परिजनों को पूरी मदद कर रहे है.”
छेड़छाड़, दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरी से प्रतिबंधित करेगी सरकार: गहलोत
राजस्थान सरकार ने बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास तथा दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को यह जानकारी दी. गहलोत ने ट्वीट किया, ”राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास एवं दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा.” उन्होंने कहा कि इसके लिए मनचलों का भी पुलिस थानों में हिस्ट्रीशीटरों की तरह रिकॉर्ड रखा जाएगा एवं राज्य सरकार/ पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले इनके चरित्र प्रमाण पत्र पर यह अंकित किया जाएगा.
गहलोत ने कहा, ‘ऐसे असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना आवश्यक है.’ उल्लेखनीय है कि गहलोत ने सोमवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि महिलाओं और कमजोर वर्ग के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
सरकारी बयान के अनुसार बैठक में गहलोत ने कहा है कि निर्धारित समय से अधिक वक्त तक खुलने वाले बार एवं नाइट क्लबों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इन क्लबों के प्रबंधकों के साथ मालिकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी व नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसे क्लबों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा. भीलवाड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या की घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं. गहलोत ने कहा कि उक्त घटना को राजनीतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो उचित नहीं है.



