‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए समिति गठन का केंद्र का फैसला स्वागत योग्य…

पणजी: महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) ने शुक्रवार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवहार्यता का अध्ययन के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोंिवद के नेतृत्व में समिति गठित करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। एमजीपी के अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का फैसला सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में दूरगामी साबित होगा।

सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की संभावनाएं तलाशने के लिए पूर्व राष्ट्रपति कोंिवद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सरकार द्वारा 18 सितंबर से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के एक दिन बाद यह कदम सामने आया है। सरकार ने हालांकि संसद के विशेष सत्र का एजेंडा घोषित नहीं किया है।

धवलीकर ने कहा कि केंद्र का यह फैसला न केवल चुनाव व्यय को कम करने में मदद करेगा, बल्कि बार-बार आचार संहिता लागू करने से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दोहरे मतदान जैसी खामियां भी दूर हो सकेंगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल एमजीपी, गोवा में राज्य सरकार का हिस्सा है। उसके राज्य विधानसभा में दो विधायक हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button