
पणजी. केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने रविवार को कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार ने अन्य देशों के साथ जो घनिष्ठता कायम की, उसने संबधों को बनाने तथा बचाव अभियानों में मदद पहुंचायी. दक्षिण गोवा में पांचजन्य पत्रिका द्वारा आयोजित सागर मंथन कार्यक्रम में अपने संबोधन में सिंह ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए विभिन्न युद्ध क्षेत्रों में भारत द्वारा चलाये गये विभिन्न बचाव अभियानों का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि अपने पूर्वर्वितयों के विपरीत मोदी सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र से संबंधित देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजे जिससे भारत के प्रति उनकी धारणा बदलने में मदद मिली. उन्होंने कहा, ” साल 2014 में जब भाजपा सरकार सत्ता में आयी तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के लोगों को गारंटी दी कि कहीं भी वे फंसे गये हों, सरकार उन्हें बचाकर ले आएगी और उसने ऑपरेशन राहत शुरू किया.” ऑपरेशन राहत 2015 में संकटग्रस्त यमन से भारतीय और विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने पर केंद्रित अभियान था.
सिंह ने कहा कि 2014 से पहले भारत सरकार यूरोप, अमेरिका या कनाडा या दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजने की परंपरा का पालन करती थी. राजमार्ग एवं सड़क परिवहन राज्यमंत्री ने कहा, ” (लेकिन) 2014 के बाद मोदी सरकार ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े 192 देशों में एक मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया. उसे पूरा करने में हमें तीन साल लग गये.”
उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल सभी देशों में गये और उनकी यात्रा में वे देश भी शामिल थे जिन्होंने कभी ऐसी यात्रा की उम्मीद नहीं की थी. सिंह ने कहा, ” इन यात्राओं ने भारत के बारे में धारणा बदल डाली जिससे भारत के साथ (उनकी) दोस्ती और विश्वास पैदा हुआ. बाद के दिनों में यही दोस्ती एवं विश्वास नजर आया. भारत ने छोटे और बड़े देश के बीच का फर्क नहीं किया.”



