किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा: योगी आदित्यनाथ

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 12 Oct 2026 05:26 PM
किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा: योगी आदित्यनाथ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए सोमवार को कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। योगी आदित्यनाथ ने यह टिप्पणी गोरखपुर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में की, जहां बाढ़, अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि और चक्रवात के कारण फसलों को हुई क्षति से प्रभावित राज्य के नौ लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की ‘कृषि इनपुट सब्सिडी’ राशि का अंतरण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ”वर्ष 2014 में चक्रवात हुदहुद ने दस्तक दी, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान हुआ। उस समय भारत सरकार ने 3,200 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये ही मिले। शेष राशि समाजवादी पार्टी (सपा) के लोगों ने हड़प ली। आज उनके (सपाइयों के) पतन का कारण उन किसानों का श्राप है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”सपाई जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे, लेकिन किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डकैती डालने से भी नहीं चूके। किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा।” एक बयान के मुताबिक, सोमवार को योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में रिमोट का बटन दबाकर 493 करोड़ रुपये कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किए।

उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू करें। उन्होंने कहा कि ंिसचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितना धन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू हो रही है। उन्होंने कार्यक्रम में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे।

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