
चेन्नई. जाने माने अभिनेता रजनीकांत ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरी तरह से आध्यात्मिक था और उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें प्रभु के दर्शन करने वाले पहले जत्थे में शामिल होने का सौभाग्य मिला. उन्होंने कहा कि लोगों के अलग-अलग विचार है लेकिन उन्हें लगता है कि यह पूरी तरह से आध्यात्मिक कार्यक्रम था.
विपक्ष ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को राजनीतिक आयोजन बनाए जाने के आरोप लगाए हैं. संवाददाताओं ने रजनीकांत के यहां पहुंचने के बाद उनसे इसी संबंध में सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, ”जहां तक मुझे लगता है तो यह आध्यात्मिक कार्यक्रम है.” जब एक संवाददाता ने दोबारा यही प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा, ”मैं पहले ही उत्तर दे चुका हूं. यह आध्यात्मिक कार्यक्रम था.”
उन्होंने कहा, ”मैंने बहुत अच्छे से दर्शन किए, मैं सबसे पहले दर्शन करने वाले 150 लोगों में शामिल था. मैं बहुत खुश हूं. यह ऐतिहासिक घटना आध्यात्मिक है.” रजनीकांत ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति एक जैसे विचार रखता हो. उन्होंने कहा, ”(जो इसे राजनीतिक कह रहे हैं) यह उनका विचार है. मेरा कहना है कि यह आध्यात्मिक है.” कांग्रेस और वामपंथी दलों ने सोमवार को हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया था.



