देश के हालात ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे: अशोक गहलोत

Author: navabharat digital
UPDATED: Thu, 26 Jun 2025 03:19 PM
देश के हालात ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे: अशोक गहलोत
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जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि देश में लोकतंत्र का सबसे अधिक ह्रास पिछले 11 साल में हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा हालात ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हैं।

भाजपा और उसके नेतृत्व वाली सरकारों द्वारा आपातकाल की बरसी को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाए जाने पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भाजपा सरकारों द्वारा संविधान हत्या दिवस मनाना ऐसा है जैसा किसी बेईमान व्यक्ति का ईमानदारी पर ज्ञान देना। इस देश में यदि लोकतंत्र का सबसे ज्यादा ह्रास हुआ है तो वह पिछले 11 सालों में हुआ है।’’

गहलोत के अनुसार, ‘‘भारत में आज जो हालात हैं, उसे सिर्फ दो शब्दों में बयां किया जा सकता है “अघोषित आपातकाल”, क्योंकि अभी ना संविधान निलंबित किया गया है, ना राष्ट्रपति ने घोषणा की है, लेकिन जनता के हक, बोलने की आज़ादी, और विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास लगातार जारी है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के कहा, ‘‘आज स्थिति ऐसी है कि पत्रकार अगर सवाल पूछे तो देशद्रोही, छात्र अगर विरोध करें तो आतंकवादी, विपक्षी नेता अगर सरकार का विरोध करें तो ईडी का शिकार। क्या यही है भाजपा सरकार के लोकतंत्र का नया मॉडल? असल में लोकतंत्र की हत्या यही है।’’

उन्होंने दावा किया कि आपातकाल के दौरान किसी भी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार नहीं किया गया था और न ही किसी की संसद सदस्यता रद्द की गई थी परन्तु भाजपा सरकार में झारखंड के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया गया, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के 200 से अधिक नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कार्रवाई की गई जबकि इनमें से कई नेता जब भाजपा में गए तो कार्रवाई बंद हो गई। उन्होंने दावा किया, ‘‘आपातकाल के दौरान किसी भी राज्य में विधायकों की खरीद फरोख्त कर सरकार नहीं गिराई गई परन्तु पिछले 11 साल में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर समेत तमाम राज्यों में विधायकों की खरीद-फरोख्त कर जनमत को चुराया गया और सरकारें गिराईं गईं।’’

गहलोत ने आरोप लगाया, ‘‘विपक्षी लोगों के फोन टैप करना, उनकी जासूसी करना इस सरकार का शौक है। आज पूरे देश में पति-पत्नी तक ‘नॉर्मल कॉल’ पर बात करने से डरते हैं और फेसटाइम एवं वॉट्सऐप पर बात करते हैं। हर किसी को ये डर है कि उनकी बातचीत कोई सुन तो नहीं रहा।’’

केंद्र सरकार पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक प्रावधान को माना नहीं जा रहा है। राज्य सूची के विषयों पर केन्द्र सरकार कानून बनाकर तानाशाही से लागू कर रही है। जहां भाजपा की सरकारें हैं वहां कई राज्यों में मुख्यमंत्री थोपे गए हैं एवं जहां विपक्ष की सरकारें हैं वहां राज्यपालों के माध्यम से राज्य सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप किया जाता है। यह लोकतंत्र और संविधान की हत्या है।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘हम डरेंगे नहीं। झुकेंगे नहीं। संविधान, लोकतंत्र और जनता की आवाज को बचाने के लिए हम लड़ते रहेंगे।’’

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