चुनाव में हिंसा की कोई जगह नहीं, बंगाल प्रशासन को निष्पक्ष रहने का निर्देश: सीईसी राजीव कुमार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 05 Mar 2024 07:55 PM
चुनाव में हिंसा की कोई जगह नहीं, बंगाल प्रशासन को निष्पक्ष रहने का निर्देश: सीईसी राजीव कुमार
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कोलकाता. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पश्चिम बंगाल के प्रशासन को सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश दिए हैं.

कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव कराना है. उन्होंने कहा, ”चुनाव में भय या धमकी के लिए कोई जगह नहीं है. हमने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के दौरान प्रशासन का पक्षपातपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लोकतंत्र के इस उत्सव में किसी भी प्रकार की हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ” कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष तरीके से पर्याप्त केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य संबंधित संस्थाओं को प्रलोभनों, विशेष रूप से मादक पदार्थ, सोने और नकली भारतीय मुद्रा के प्रवाह को रोकने के लिए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है.

उन्होंने राज्य और जिला प्रशासन के अधिकारियों से ”पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत के आधार पर पार्टियों को चुनाव प्रचार के लिए मैदान और बैठक स्थानों की अनुमति देने में पारर्दिशता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. कुमार ने कहा, ‘किसी भी नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों या संविदा कर्मचारियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव कर्तव्यों या कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम नहीं सौंपा जाना चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अधीक्षकों को बार-बार यह बताया गया है कि यदि डराने-धमकाने की कोई शिकायत आती है तो उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.

कुमार ने कहा, ”उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वे ऐसा ही करेंगे. अगर वे कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हम जानते हैं कि उन्हें कार्रवाई कराने के लिए हमें क्या करने की जरुरत है.” कुमार ने कहा, ”पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष रहने और जिला स्तर पर सभी राजनीतिक दलों के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है.” उन्होंने कहा कि जूनियर स्तर भी निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, जहां अधिकारी जमीनी स्तर पर काम करते हैं.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.58 करोड़ है, जिसमें लगभग 3.85 करोड़ पुरुष और 3.73 करोड़ महिला मतदाता हैं. वहीं, 15.25 लाख मतदाता ऐसे हैं जो इस बार पहली बार मतदान करेंगे. कुमार ने कहा कि राज्य के संवेदनशील इलाकों में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों और सामान्य पर्यवेक्षकों के परामर्श से ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती की जाएगी. सीएपीएफ के र्किमयों की तैनाती को साप्ताहिक बैठकों के दौरान राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाना चाहिए. कुमार ने राज्य में ‘प्रलोभन-मुक्त चुनाव’ सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित राज्य और केंद्र सरकार दोनों की विभिन्न एजेंसियों को अलग-थलग रहने के बजाय एक साथ मिलकर काम करने के लिए कहा.

चुनावों में धन-बल और शराब के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के निर्वाचन आयोग के प्रयासों के संबंध में उन्होने शराब सरगनाओं के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा, ”हमने सभी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि चुनाव के दौरान धन-बल के इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. हमें शराब, नकदी, मुफ्त और नशीली दवाओं की तस्करी को रोकना चाहिए. शराब तस्करों को पकड़ा जाना चाहिए. वॉलेट के माध्यम से अवैध ऑनलाइन नकद हस्तांतरण की सतर्क निगरानी होनी चाहिए.”

पश्चिम बंगाल में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ पिछले दो दिनों से कोलकाता में है. इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और बाद में सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात करेगी.

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