
नागपुर. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मांग की है कि महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि उत्सव के दौरान ‘गरबा और डांडिया’ कार्यक्रमों में हिंदू धर्म में आस्था नहीं रखने वालों को प्रवेश करने से रोका जाना चाहिए. विहिप ने कहा कि प्रतिभागियों के आधार कार्ड की जांच करने के बाद ही उन्हें ‘गरबा और डांडिया’ कार्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति दी जाए.
विहिप के (महाराष्ट्र-गोवा) के क्षेत्र मंत्री गोविंद शेंडे ने मंगलवार को यहां जारी एक वीडियो बयान में दावा किया कि इन आयोजनों में ‘लव जिहाद’ की घटनाएं होती हैं. उन्होंने कहा कि ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ केवल मनोरंजन नहीं बल्कि पूजा के रूप हैं, जिनमें लड़कियां, महिलाएं और परिवार के अन्य लोग बड़ी संख्या में भाग लेते हैं.
उन्होंने कहा कि ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों के आयोजकों को नवरात्रि मनाने वालों के माथे पर ‘तिलक’ लगाना चाहिए, उनकी कलाइयों के चारों ओर ‘कलावा’ (हिंदुओं द्वारा पहना जाने वाला लाल पवित्र धागा) बांधना चाहिए और कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की अनुमति देने से पहले उन्हें पीने के लिए ‘गौ अर्क’ देना चाहिए.
विहिप नेता ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि जिन लोगों को भगवद गीता या हिंदू धर्म में विश्वास नहीं है, वे महिलाओं को परेशान करने के लिए गरबा कार्यक्रमों में आते हैं. शेंडे ने गरबा आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को निर्देशित एक अपील में कहा, ” जो लोग भगवद गीता में विश्वास नहीं रखते या हिंदू धर्म में विश्वास नहीं रखते उन्हें गरबा आयोजनों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.”



