तीन सदी पहले भारत को विकसित बनाने में MSME इकाइयों ने दिया था अहम योगदान : आदित्यनाथ

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि 300 साल पहले भारत को दुनिया की सबसे विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का अहम योगदान था और इसीलिये वर्ष 2017 में सत्ता में आने के अगले साल उनकी सरकार ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना को लागू किया.

आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर दो दिवसीय ‘विश्वकर्मा एक्सपो-2025’ का उद्घाटन किया और एमएसएमई क्षेत्र के लिये एक लाख 32 हजार करोड़ रुपये का कर्ज तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 12 हजार हस्तशिल्पकारों और कारीगरों को ‘टूलकिट’ तथा 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा, ”बहुत सारे लोगों बहुत सारे लोगों को लगता होगा कि क्या यह संभव है लेकिन मैं कहता हूं, हां यह संभव है. हम भारतीयों के लिए यह संभव है क्योंकि आज से 300 वर्ष पहले भारत विकसित देश था. दुनिया की अर्थव्यवस्था में उसका योगदान 25 प्रतिशत से अधिक हुआ करता था. दुनिया की नंबर एक की अर्थव्यवस्था भारत की हुआ करती थी.” उन्होंने कहा कि उस वक्त भारत को विकसित देश बनाने में सिर्फ कृषि क्षेत्र का ही योगदान नहीं था, बल्कि औद्योगिक व्यवस्था की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका थी.

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