
पटना. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के तीन उम्मीदवारों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ”दबाव” में अपने नामांकन वापस ले लिए. पटना के शेखपुरा हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में किशोर ने यह दावा भी किया कि सत्ता पक्ष राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) चुनाव हारने के डर से विपक्षी उम्मीदवारों को मैदान से हटने के लिए धमका रहा है.
उन्होंने कहा, “जनसुराज को वोटकटवा बताने वाली भाजपा को असल में डर लग रहा है. भाजपा को महागठबंधन से नहीं, बल्कि जनसुराज से डर लग रहा है. इसका उदाहरण यह है कि पिछले चार दिनों में हमारे तीन घोषित उम्मीदवारों को नामांकन करने नहीं दिया गया.” किशोर का कहना था, ”लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. देश में इस तरह की कोई मिसाल नहीं रही है.” उन्होंने निर्वाचन आयोग से उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.
किशोर ने बताया कि जिन उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया है, वे दानापुर, ब्रह्मपुर और गोपालगंज सीटों से मैदान में थे.
उन्होंने कहा, ”भाजपा ‘सूरत मॉडल’ को दोहराने की कोशिश कर रही है, जहां उनके उम्मीदवार को निर्विरोध जीत मिली थी क्योंकि बाकी सभी प्रत्याशियों को नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था. भाजपा यह नहीं समझ पा रही है कि देशभर के मतदाताओं ने इसके लिए उसे सबक सिखाया और पिछली लोकसभा चुनाव में उसे केवल 240 सीटें मिलीं, जबकि वह 400 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रही थी.” जन सुराज ने गोपालगंज के प्रमुख चिकित्सक शशिशेखर पांडेय उम्मीदवार बनाया था.
किशोर ने दावा किया कि बीते रविवार रात करीब आठ बजे अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी रात में बारह बजे के बाद भाजपा के कुछ विधायक उनके पास पहुंचे और पांडेय को नामांकन वापस लेने को कहा गया. इस बीच, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल है जिसमें पांडेय कुछ भाजपा नेताओं से मिलते नजर आ रहे हैं.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए किशोर कहा कि “ऐसे लोग माहौल बनाने का काम कर रहे हैं, पर हम पीछे हटने वाले नहीं.” एक अन्य तस्वीर में पार्टी के उम्मीदवार भाजपा चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से हाथ मिलते दिखे हैं. किशोर ने बताया कि उनकी पार्टी ने बिहार की सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन तीन प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने के बाद अब जन सुराज पार्टी 240 सीटों पर चुनाव लड़ेगी क्योंकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बीत चुकी है.



