भोपाल के मैनिट परिसर में पिछले 11 दिन से घूम रहा है बाघ, पकड़ने के प्रयास जारी

भोपाल. मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित प्रतिष्ठित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के 650 एकड़ क्षेत्र के परिसर में पिछले 11 दिनों से एक बाघ विचरण कर रहा है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं. वन विभाग के अनुसार उसे पकड़ने के लिए वहां ंिपजरे लगाये गये हैं और वह ंिपजरे के पास भी आया, लेकिन उसके अंदर रखे शिकार को खाने नहीं गया, जिससे उसे पकड़ा नहीं जा सका.

मैनिट के जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित ओझा ने कहा कि दो साल से अधिक उम्र के इस बाघ के विचरण करने के कारण संस्थान के लगभग 5,400 स्रातक छात्रों के लिए 11 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक अवकाश की घोषणा की जा चुकी है, हालांकि, मैनिट से स्रातकोत्तर करने वाले 600 छात्रों की कक्षाएं चल रही हैं.

भोपाल के वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) आलोक पाठक ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘11वें दिन भी टी-123-4 नाम का बाघ मैनिट के परिसर में है. हालांकि, बाघों के व्यवहार के अध्ययन के अनुसार बाघ सात या आठ दिनों में एक स्थान से बाहर निकल जाता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ आज हमने मैनिट परिसर में इसके पदचिह्नों का पता लगाया. हमने इसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 11 कैमरे लगाए हैं. हम पांच और कैमरे लगाएंगे.’’

उन्होंने बताया, ‘‘हमने उसे पकड़ने के लिए वहां ंिपजरे भी लगाये हैं. इन ंिपजरों में उसके लिए शिकार रखा गया है. बाघ आज ंिपजरे के पास आया, लेकिन उसके अंदर रखे शिकार को करने के लिए वह अंदर नहीं गया. इसलिए ंिपजड़े में फंसने से भी वह बच गया.’’ पाठक ने कहा कि वन प्रशासन चाहता है कि यह बाघ स्वयं परिसर से बाहर चला जाये.

उन्होंने कहा कि यह बाघ तीन अक्टूबर को इस परिसर में घुसा था और तब से अब तक इसने इस परिसर में दो गायों सहित चार मवेशियों का शिकार किया है. उन्होंने बताया कि मैनिट के कुछ कर्मचारियों ने परिसर में मवेशी भी पाल रखे हैं. पाठक ने बताया कि यह बाघ अब मैनिट से जुड़े लगभग 300-400 एकड़ में फैले वन क्षेत्र के निचले इलाके में विचरण कर रहा है. उन्होंने कहा कि 50 वनकर्मी पिछले 11 दिनों से दिन-रात वहां लगाये गये हैं और वे इस बाघ पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं.

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