
नयी दिल्ली. दिल्ली के लक्ष्मी नगर के शकरपुर इलाके में मंगलवार को एक इमारत में आग लगने के बाद एक व्यक्ति ने दूसरे तल से अपने तीन साल के बेटे को नीचे फेंक दिया और फिर बड़े बेटे और पत्नी के साथ खुद भी कूद गया. परिवार के सभी चार सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं, इनमें से तीन का आईसीयू में उपचार किया जा रहा है.
पूर्वी दिल्ली में पांच मंजिला इमारत में रहने वाले कमल तिवारी (40) ने अपने तीन साल के बच्चे को घर के प्रवेश द्वार पर लगी आग से बचाने के लिए कंबल में लपेटा और बालकनी से नीचे फेंक दिया. इसके तुरंत बाद, वह आग से बचने के लिए अपने 12 वर्षीय बेटे और पत्नी प्रियंका (36) के साथ कूद गया.
तिवारी के रिश्तेदार संजय गर्ग ने कहा, “परिवार सो रहा था तभी उन्हें फ्लैट के प्रवेश द्वार से धुआं उठता हुआ महसूस हुआ. जब तक उन्हें एहसास हुआ कि इमारत में आग लग गई है, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. प्रवेश द्वार पूरी तरह से आग में घिरा हुआ था इसलिए वे बाहर नहीं निकल सके.” गर्ग ने कहा, “उनके पास कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.” उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला कि आग भूतल से शुरू हुई जो बाद में अन्य मंजिलों तक फैल गई.
उन्होंने कहा, “प्रियंका ने वॉशरूम से पानी लिया और घर में बाकी लोगों पर डाल दिया. आग को फैलने से रोकने के लिए उसने इसे कमरे में चारों ओर भी डाला. उसने आधे घंटे तक ऐसा किया.” गर्ग ने कहा, बाद में उनके बड़े बेटे ने सुझाव दिया कि उन्हें आग में मरने के बजाय बालकनी से कूद जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “चारों में से कमल आखिरी व्यक्ति था जिसने दूसरी मंजिल के फ्लैट से छलांग लगा दी.” गर्ग ने कहा, “परिवार को पहले आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन पिता और बच्चों की हालत ठीक नहीं थी, इसलिए हमें उन्हें एक निजी अस्पताल में लाना पड़ा.” हालत गंभीर होने पर पिता और दोनों बेटों को कड़कड़डूमा के कैलाश दीपक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रिश्तेदारों ने बताया कि तीनों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है और तीन साल के बच्चे की हालत गंभीर है. एक रिश्तेदार ने कहा कि पिता को कई ‘फ्रैक्चर’ हुए हैं, जबकि छोटे बेटे को आंतरिक रक्तस्राव हुआ है और उसे अभी तक होश नहीं आया है.
गर्ग ने कहा कि प्रियंका को गंभीर चोट आई हैं और वह फिलहाल आरएमएल अस्पताल में भर्ती हैं. उन्होंने कहा कि कमल का लक्ष्मी नगर में एक कोचिंग संस्थान है और वह बीसीए और एमसीए के छात्रों को कोचिंग देते हैं. उन्होंने कहा, प्रियंका एक गृहिणी हैं , लेकिन वह कुछ छात्रों को कोचिंग भी देती हैं. पुलिस के मुताबिक, पार्किंग क्षेत्र में ‘शॉर्ट र्सिकट’ के बाद रात करीब एक बजे इमारत में आग लग गई. आग में 40 साल की एक महिला की मौत हो गई, जबकि 25 लोगों को दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बचा लिया.
कई अन्य परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए अपनी बालकनी से कूदना पड़ा और कई लोग छत से बगल की इमारत में कूद गए. स्थानीय लोगों ने कहा कि पहली मंजिल में रहने वाले कम से कम दो लोगों को बालकनी से कूदने के कारण ‘फ्रैक्चर’ हो गया.
पीड़िता की मां सुप्रभा देवी ने कहा, “आग लगने पर मेरी बेटी को पहली मंजिल से कूदना पड़ा. उसके हाथ-पैर टूट गए हैं.” पहली मंजिल के एक अन्य निवासी, नरेश नागर के पैर में भी फ्रैक्चर है, जिनका फ्लैट आग में पूरी तरह से जल गया. उन्हें भी आग से बचने के लिए बालकनी से कूदना पड़ा था. पुलिस ने कहा कि आग से बचने के लिए पांच लोग अपनी बालकनियों से कूद गए थे.



